Shahjahanpur News: जनरेटर नहीं चलवाते प्रभारी, अंधेरे में ऑपरेशन करना मेरे बस में नहीं

पुवायां सीएचसी भवन। संवाद
– पुवायां सीएचसी के सर्जन ने सीएमओ को पत्र भेजकर प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
– सीएचसी प्रभारी और सर्जन के बीच चल रही रार खुलकर आई सामने
– निश्चेतन और महिला डॉक्टर के उपलब्ध न रहने का भी लगाया आरोप
– सीएचसी प्रभारी ने आरोपों को नकारा, बोले-डीजल के लिए ऊपर से नहीं मिला बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात सर्जन डॉ. रामकुमार वर्मा और वहां के सीएचसी प्रभारी/चिकित्साधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार के बीच लंबे समय से चली आ रही रार अब खुलकर सामने आ गई है। इससे मरीजों का नुकसान हो रहा है।
गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन न करने के पीछे उन्होंने जनरेटर के लिए डीजल न देने का आरोप सीएचसी प्रभारी पर लगाया है। इसके अलावा अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने सीएमओ को पत्र भी लिखा है। सर्जन का आरोप है कि सीएचसी प्रभारी जनरेटर का डीजल खर्च रोगी से मांगने का दबाव बनाते हैं। सर्जन के पत्र के बाद स्वास्थ्य महकमे की अव्यवस्थाओं पर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर सर्जन ने नौकरी से इस्तीफा तक देने चेतावनी दी है।
डॉ. रामकुमार वर्मा ने सीएमओ को भेजे पत्र में लिखा है कि वे 19 अप्रैल को पोस्टमार्टम ड्यूटी पर थे। तब आपने (सीएमओ) से मोबाइल पर पूछा था कि पुवायां सीएचसी पर सिजेरियन दिसंबर 2022 तक हो रहे थे। अब ऑपरेशन बंद क्यों हो गए हैं? इसके जवाब में यह कहना है कि पूर्व में सीएचसी पर तैनात अधीक्षक डॉ. मोहम्मद आसिफ ऑपरेशन में पूरा सहयोग करते थे। नए अधीक्षक उनसे द्वेष मानते हैं। ऑपरेशन आदि में सहयोग नहीं करते हैं। ऑपरेशन के लिए जरूरी सामान उपलब्ध नहीं कराया जाता है। लाइट नहीं होने पर जनरेटर नहीं चलाया जाता है। अधीक्षक रोगी से रुपये लेकर जनरेटर में डीजल डलवाने का दबाव बनाते हैं। ऐसा करना उचित नहीं लगता, इस वजह से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
डॉ. रामकुमार वर्मा के अनुसार, उन्होंने 19 जुलाई से 28 दिसंबर तक 20 सिजेरियन ऑपरेशन किए। फरवरी और अप्रैल में दो-दो ऑपरेशन किए गए। पॉवर सप्लाई न होना, ऑपरेशन के लिए जरूरी सामान न होने के चलते ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। व्यवस्था कराने के लिए कहने पर उनको प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसी स्थिति रही तो वह इस्तीफा देने पर बाध्य होंगे।
पुवायां में तैनाती, लेकिन नहीं रहते हैं उपलब्ध
डॉ. रामकुमार वर्मा का आरोप है कि पुवायां सीएचसी पर निश्चेतक डॉ. घनश्याम की मूल तैनाती है, लेकिन वह उपलब्ध नहीं रहते हैं। उनके शाहजहांपुर से आने में काफी समय लग जाता है। तब तक रोगी चला जाता है। महिला एमबीबीएस डॉक्टर की मूल तैनाती पुवायां में होने के बाद भी उनके दूसरी जगह संबद्ध होने से दिक्कत होती है। इसके अलावा सीएचसी पर ओटी टेक्नीशियन नहीं तैनात है।
दस महिला रोगियों को करना पड़ा रेफर
जनरेटर में डीजल की व्यवस्था नहीं होने और ऑपरेशन के लिए जरूरी सामान उपलब्ध नहीं होने पर अप्रैल में दस महिला रोगियों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। व्यवस्थाएं सुचारू होने पर इन रोगियों का ऑपरेशन पुवायां सीएचसी पर ही हो सकता था। सीएचसी अधीक्षक के अनुसार, दस महिला रोगियों को रेफर किया गया है।
तहसील भर के रोगियों को मिलेगा लाभ
पुवायां सीएचसी पर ऑपरेशन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं होने पर खुटार, बंडा, सिंधौली क्षेत्र तक के ऐसे रोगी जिनका ऑपरेशन होना है, उनको बड़ा लाभ होगा। रोगी निजी अस्पतालों के भारी भरकम खर्च से भी बचेंगे। उनको इलाज के लिए ज्यादा दूर भी नहीं जाना पड़ेगा। सीएचसी को एक साल से जनरेटर के डीजल के लिए कोई बजट नहीं मिला है। जब जरूरत होती है तब किसी तरह से जनरेटर चलवाया जाता है। ऑपरेशन के लिए जिन चीजों की आवश्यकता होती है, उपलब्ध कराई जाती हैं। सीएमओ ने बुधवार को मुआयना भी किया था। कोई समस्या नहीं है। सर्जन के आरोप निराधार हैं।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, अधीक्षक सीएचसी पुवायां
सीएचसी पुवायां का मुआयना किया था। ऑपरेशन नहीं होने पर जानकारी ली गई है। डॉ. रामकुमार वर्मा के पिछले तीन महीने के कार्य की रिपोर्ट मांगी गई है। उनके पत्र के संबंध में जानकारी नहीं है।
– डॉ. आरके गौतम, सीएमओ शाहजहांपुर

पुवायां सीएचसी भवन। संवाद

