Shahjahanpur News: खेतों से किसानों ने जबरिया हटवा दी मिट्टी

खुटार में बिना मुआवजा काम होने पर अधिकारियों से वार्ता करते किसान। संवाद
नाराज किसानों को अधिकारी मनाने पहुंचे, बात न बनने पर खेतों से हटवाई मिट्टी
– बिना मुआवजा दिए खुटार बाईपास के लिए अधिग्रहीत खेतों में मिट्टी डालने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
खुटार। बिना मुआवजा दिए शाहजहांपुर-पलिया हाईवे से जुड़ने वाले खुटार बाईपास के लिए अधिग्रहीत खेतों से कई किसानों ने शुक्रवार को खुद मिट्टी हटाना शुरू कर दिया। नाराज किसानों को मनाने अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। बाद में खेतों में पड़ी मिट्टी हटाने के बाद ही मामला शांत हो सका। किसानों का कहना था उन्हें उनका मुआवजा दिए बिना ही खेतों में मिट्टी डाली जा रही है। जबरन पेड़ काटे जा रहे हैं।
शाहजहांपुर से खुटार तक हाईवे को दस मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके पहले पुवायां और खुटार में बाईपास का निर्माण होना है। इसलिए ठेकेदार खुटार बाईपास पर ही काम कर रहे हैं। मुख्य हाईवे पर भी कई स्थानों पर खुदाई कर पत्थर आदि डाले गए हैं। प्रशासन ने सबसे पहले बाईपास के लिए मुआवजा देने की बात कही थी। बाईपास पर काम शुरू होने के बाद भी कई किसान मुआवजे से वंचित हैं।
पहले भी बाईपास पर काम शुरू कराने पर किसानों ने आपत्ति करते हुए पहले मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन कई किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका। बावजूद इसके जबरिया खेतों में मिट्टी डाल दी गई। पेड़ भी काट दिए गए। विरोध के बाद खेत की मिट्टी को लेवल कर दिया गया। वहीं मुआवजे को लेकर जिम्मेदार अधिकारी किसानों को बहलाते रहे। मुआवजे के लिए किसान सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर एसडीएम और नायब तहसीलदार तक से मिले, लेकिन वहां भी उन्हें कोरा आश्वासन ही मिला।
शुक्रवार को गुरुसेवक सिंह, बुद्धालाल, आनंदपाल, अशोक कुमार, नन्हें, लक्ष्मी देवी, रामनरेश आदि किसानों ने अपने-अपने खेतों में डाली गई मिट्टी को भरवाना शुरू कर दिया। निर्माणाधीन बाईपास पर मिट्टी वापस डाले जाने की जानकारी मिलने पर एनएचएआई कर्मी और ठेकेदार के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। किसानों से मिट्टी न हटाने को कहा। इस पर किसान भड़क गए। बोले, बिना मुआवजा दिए रोजाना जबरिया काम कराया जा रहा है। वे लोग हर हाल में खेतों से मिट्टी हटवाएंगे। किसानों ने मिट्टी हटवाने के लिए जेसीबी और ट्रक भी बुलवा लिए। इसके बाद बैकफुट पर आए ठेकेदार के कर्मचारियों ने खुद ही जेसीबी लगवाकर खेतों से मिट्टी हटवाई। इसके बाद किसान शांत हो गए।
एनएचएआई अधिकारी, ठेकेदार, प्रशासनिक अधिकारी चुप, हो सकता है बड़ा आंदोलन
किसानों को मुआवजा दिए बिना ही जमीनों पर कब्जा कर काम कराने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसान मौके पर ही पंडाल लगाकर बड़ा आंदोलन करने का मन बना रहे हैं। भाकियू टिकैत गुट ने भी किसानों के आंदोलन में खड़े होने की घोषणा कर दी है। यदि आंदोलन शुरू हुआ तो प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।
रिपोर्ट भेजने में देरी भी मुआवजा न मिलने की वजह
किसानों का कहना है कि लेखपाल ने सिटी मजिस्ट्रेट के यहां रिपोर्ट भेजने में काफी हीलाहवाली की और उन लोगों को बहुत परेशान किया। निर्विवाद जमीनों के मामले में भी रिपोर्ट भेजने में किसानों को टरकाया जाता रहा। इस कारण भी मुआवजा मिलने में देरी हो रही है।
किसान उत्तम मिश्रा ने पेड़ से चिपककर रुकवाया था कटान
मुआवजा दिए बिना ही किसानों की जमीनों पर खड़े पेड़ काटे जा रहे हैं। किसान उत्तम मिश्रा ने तो पेड़ से चिपककर कटान रुकवाया था। पुलिस को तहरीर भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसान गुरुसेवक सिंह ने फसल जोतने की तहरीर दी थी, उसमें भी कार्रवाई नहीं की गई है। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि पहले तहरीर मिली थी, जिसमें ठेकेदार और एनएचएआई के कर्मचारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पेड़ काटने वाले लोगों के बारे में भी नहीं बताया जा रहा है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन किसानों की जमीन खाली की जाएगी और मुआवजा मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू कराया जाएगा।
– सुरेश शर्मा, मैनेजिंग डॉयरेक्टर एनएचएआई

खुटार में बिना मुआवजा काम होने पर अधिकारियों से वार्ता करते किसान। संवाद

खुटार में बिना मुआवजा काम होने पर अधिकारियों से वार्ता करते किसान। संवाद