Bareilly News: एआई चैटबोट से सुलझेंगी किसानों, पशुपालकों की समस्याएं
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर में शिक्षा के डिजिटलीकरण समेत किसानों की समस्याएं सुलझाने के लिए एआई चैटबोट विकसित किया है। यह जानकारी शुक्रवार को भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान (आईएएसआरआई) के सहयोग से आयोजित कार्यशाला के दौरान निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने दी। बताया कि इससे किसानों, पशुपालकों को काफी मदद मिलेगी।
कार्यशाला का विषय राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा प्रणाली, मिश्रित शिक्षण मंच (एनएआरएस-बीएलपी) रहा। डाॅ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि आईएएसआरआई के साथ मिलकर अब तक 45 से ज्यादा इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के लिए टूल्स विकसित हुए हैं। आईवीआरआई पहला संस्थान है, जिसने चैटबोट विकसित किया है। नई शिक्षा नीति से बहुआयामी एजुकेशन, होलेस्टिक एप्रोच बढ़ाने पर जोर दिया। ऑनलाइन शिक्षा समेत डिजिटल इंफ्रास्टचर बढ़ाने को कहा। चैटबोट भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली की टीम ने तैयार किया है।
कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. सुदीप मारवाह ने मिश्रित शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र देश के 62 विश्वविद्यालयों में चल रही है। इसमें प्रवेश से लेकर पास आउट होने तक ऑनलाइन व्यवस्था है। ऑनलाइन और वर्चुअल क्लास के बारे में बताया।
विद्यार्थियों के मददगार बनेंगे आईसीटी टूल्स
डॉ. सुदीप ने बताया कि आईसीटी के तहत एकेडमिक मैनेजमेंट सिस्टम, प्रोजेक्ट इंफाॅर्मेशन सिस्टम, एक्रीडेशन पोर्टल, एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी रैंकिंग सिस्टम, कृतज्ञता पोर्टल, एजुकेशन पोर्टल, ग्रीन एंड क्लीन कैंपस अवाॅर्ड, ई-लर्निंग पोर्टल, कृषि विश्वविद्यालय एल्युमिनाई नेटवर्क, मोबाइल एप्लीकेशन, ई-कृषि शिक्षा पोर्टल, ग्रीवांस रिड्रेसल, कैपसिटी बिल्डिंग पोर्टल, कृषि मेघ, वचुर्वल क्लामरूम आदि बने हैं। यह प्रभावी ज्ञान हस्तांतरण, शैक्षणिक प्रबंधन, वर्चुअल क्लास रूम की प्रगति की निगरानी और छात्रों के प्रदर्शन में मददगार साबित हो रहे हैं।
विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में भी होगा सुधार
कास्ट-एनएएचईपी परियोजना की राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अनुराधा अग्रवाल ने मिश्रित-शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के तहत डिजिटलाइजेशन से अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग मिलेगा। नवाचार से विश्वविद्यालयों को बेहतर रैंकिंग हासिल करने में मदद मिलेगी।



