Pilibhit News: बाईपास से फर्राटा भरने में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा न होने से अटका रोड़ा

बाईपास पर निर्माणाधीन उपरिगामी पुल । स्रोत – संवाद
पीलीभीत। शहर के लोगों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए असम हाईवे से खटीमा रोड को मिलाने वाले बाईपास का निर्माण करीब तीन साल से चल रहा है। इसमें पूरनपुर रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे ओवरब्रिज का दोनों ओर सेतु निगम ने तो अपने हिस्से का काम पूरा कर लिया है, लेकिन रेलवे का काम पूरा नहीं हो सका है। रेलवे की ओर से गर्डर न आने के कारण करीब एक साल से काम बंद है। पुल का काम पूरा करने की मियाद मार्च 2023 भी निकल चुकी है।
लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को टनकपुर, खटीमा और उत्तराखंड के अन्य जिलों में जाने के लिए शहर के बीच से ही होकर गुजरना पड़ता है। इसमें हल्के वाहनों के साथ ही बड़े वाहनों के आने से हादसे व जाम की समस्या बनी रहती है। इसे देखते हुए शासन ने साल 2019 में पीलीभीत बाईपास रेल उपरिगामी पुल को मंजूरी दी थी। इसके लिए शासन ने 26.80 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। बजट जारी होने के बाद सेतु निगम की ओर से काम शुरू करा दिया गया था।
काम शुरू होने के बाद वन विभाग की एनओसी की अड़चन आ गई। साथ ही रेलवे ने भी आपत्ति लगा दी थी। दोनों विभागों की ओर से एनओसी मिलने के बाद सेतु निगम की ओर से काम फिर शुरू कराया गया। सेतु निगम की ओर से रेलवे लाइन के दोनों ओर पुल को तैयार कर दिया गया था। बीच में अब रेलवे लाइन के ऊपर ही गर्डर पड़ने बाकी है। यह काम रेलवे की ओर से किया जाना है। पुल पर पड़ने वाले गर्डर गोरखपुर से रेलवे की ओर से आने हैं।
करीब एक साल से उनके आने की बात कही जा रही है। अभी आ नहीं सके हैं। ऐसे में सेतु निगम की ओर से शेष काम पूरा नहीं करवाया जा रहा है। रेलवे की लेटलतीफी के कारण लोगों को जाम की समस्या से भी निजात नहीं मिल पा रही है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार गन्ना सीजन में गन्ना वाहनों के कारण जाम से नहीं जूझना होगा।
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बाईपास बन जाता तो शहर के लोगों को जाम से मिलती निजात
मौजूदा समय में टनकपुर हाईवे शहर के बीच से होकर ही गुजर रहा है। शहर के बीच से मात्र एक सड़क टनकपुर के लिए जा रही है। इस सड़क पर बरेली की ओर से आने जाने वाले वाहनों का दबाव रहता है। इसके साथ ही राजधानी की ओर से आने वाले वाहनों का भी प्रवेश होता है। टू-लेन होने के कारण हादसे की आशंका भी बनी रहती है। आए दिन बड़े वाहनों के कारण जाम लगता है। बाईपास बन जाने से जहां खटीमा की ओर जाने वाले वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश बंद हो जाएगा, वहीं पूरनपुर क्षेत्र की ओर से आने वाले गन्ना वाहनों की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। इस हाईवे से रोजाना करीब 10 हजार से अधिक वाहन शहर के अंदर से होकर गुजरते हैं। इसमें करीब तीन हजार बड़े वाहन भी रोजाना इस हाईवे से गुजरते हैं।
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वर्जन
रेलवे व वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया था। रेलवे लाइन के ऊपर रेलवे की ओर से गर्डर डाले जाने हैं। रेल अधिकारियों ने बताया है कि गर्डर गोरखुपर में बन रहे हैं। संभावना है कि अक्तूबर में वह आ जाएंगे। दिसंबर तक काम पूरा करा दिया जाएगा।
– विजेंद्र मौर्य, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम

बाईपास पर निर्माणाधीन उपरिगामी पुल । स्रोत – संवाद

