Pilibhit News: बाघों की आबादी में आवाजाही से गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम

माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर जाम लगाये बैठे लोग । संवाद
कलीनगर। मथना जप्ती क्षेत्र में बाघों की दहशत खत्म न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार शाम पांच बजे माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे यातायात ठप रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाघ खेतों में घूम रहे हैं। लोगों की जान ले रहे हैं। जानकारी के बाद भी टीम समय से नहीं आती। जानकारी के बाद डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे। नोकझोंक के बीच दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षा बिंदुओं पर लिखित आश्वासन देने पर ग्रामीण माने। इसके बाद माधोटांडा पुलिस ने शाम सात बजे जाम खुलवाया।
माधोटांडा क्षेत्र के मथनाजप्ती, रानीगंज, पुरैनी दीपनगर और जमुनिया क्षेत्र में कई दिनों से बाघों की दहशत है। बाघ चार ग्रामीणों की जान ले चुके हैं। इसके बाद भी बाघों की चहलकदमी जारी है। इससे आक्रोशित होकर ग्रामीणोंं ने शनिवार को मथना जपती स्थित गुरुद्वारे के समीप माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की दहशत के चलते फसलें प्रभावित हो रही है। मजदूर खेतों की ओर जाने को तैयार नहीं है। खेतों में बाघों की चहलकदमी से दशहत है। शनिवार को चकपुर गांव में बाघ की मौजूदगी देखी गई। सूचना के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराजगी बढ़ गई। यातायात ठप होने से मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
जानकारी के बाद पहले एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव और मयंक पांडे मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। पीछे से डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी मौके पर आ गए। आक्रोशित ग्रामीणों को समझने के प्रयास शुरू किए गए। ग्रामीणों की तीखी नोंकझोंक भी हुई। वनकर्मियों के रैवये पर भी सवाल उठाए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि बाघ के इंसान को मारने पर पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। बाघ को मारने पर क्या कीमत है। क्षेत्र में स्थिति लगातार खराब हो रही है। खेतों की ओर जाने से लोग कतरा रहे हैं। विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। ग्रामीण लिखित आश्वासन देने पर अड़ गए। इस पर डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने लिखित आश्वासन देकर सुरक्षा इंतजाम करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीण मार्ग से हटे। एसओ अचल कुमार ने जाम खुलवाया। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। बातचीत के बाद सुरक्षा विंदुओं का आश्वासन देकर उन्हें समझाया गया है।

माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर जाम लगाये बैठे लोग । संवाद

माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर जाम लगाये बैठे लोग । संवाद