Bareilly News: लाइसेंसी असलहे 40 हजार, चुनाव में जमा हुए सिर्फ छह हजार
बरेली। नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने माहभर पहले से कवायद शुरू कर दी थी। लाइसेंसी असलहे जमा कराने के लिए भी अभियान चलाया गया, लेकिन पुलिस इसमें नाकाम रही। जिले के 40 हजार लाइसेंसी असलहों में से महज छह हजार ही जमा कराए जा सके। इसका नतीजा यह रहा कि चुनावी माहौल में जिले में लाइसेंसी असलहों से हत्या सहित दो वारदातें हो चुकी हैं।
जिले में नगर निगम के अलावा चार नगर पालिका, 15 नगर पंचायतें हैं। सभी निकायों में अध्यक्ष और सभासद पदों के लिए 11 मई को मतदान होगा। चुनावी माहौल में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच टकराव का अंदेशा भी रहता है।
इसलिए एहतियात के तौर पर लाइसेंसी असलहों को जमा करा लिया जाता है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन ने माहभर अभियान चलाया, लेकिन अब भी जिले में 34 हजार से ज्यादा असलहे जमा नहीं कराए जा सके हैं।
शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू
पिछले सप्ताह फरीदपुर के ऊंचा मोहल्ला में सभासद पद के प्रत्याशियों के बीच संघर्ष हो गया था। यहां फायरिंग और हमले में लाइसेंसी असलहों का इस्तेमाल किया गया। तीन मई को प्रियदर्शिनी नगर में बीडीए ऑफिस के सामने कबाब कारीगर नसीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यहां भी लाइसेंसी रिवाल्वर का इस्तेमाल किया गया था। इन दोनों मामलों में अब पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की है।
वर्जन
नगर निगम और निकायों की दस किमी परिधि में जो शस्त्र लाइसेंस धारक हैं, उनके असलहे जमा कराए जा रहे हैं। अब तक करीब दस हजार असलहे जमा हो चुके हैं। सिक्योरिटी गार्ड, पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी, एकल बुजुर्ग दंपती समेत ऐसे लोग जिन पर पूर्व में हमले हो चुके हैं या संभावित खतरा है, उन्हें असलहा पास रखने की अनुमति है। समिति के समक्ष छह सौ से ज्यादा लाइसेंस धारकों ने असलहा पास रखने के लिए अनुमति मांगी थी। उन्हें नियमानुसार अनुमति दी जा रही है। – डॉ. आरडी पांडेय, एडीएम सिटी



