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Bareilly News: कताई मिल के बहुरेंगे दिन, शासन को भेजी गई रिपोर्ट

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बरेली। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए प्रस्ताव के बाद प्रशासन ने बहेड़ी की कताई मिल की संपत्ति का आकलन किया है। उद्योग विभाग के अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने मिल परिसर का निरीक्षण कर संपत्ति का आकलन किया।

इसके आधार पर जिलाधिकारी ने शासन को अवगत कराया है। अब शासन को निर्णय लेना है कि मिल किसी निवेशक को चलाने के लिए दी जाए या फिर उस जमीन पर नया इंडस्ट्रियल स्टेट विकसित किया जाए।

इन्वेसटर्स समिट में महालक्ष्मी स्पिनिंग मिल्स ने बहेड़ी स्थित सहकारी कताई मिल चलाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया था। शासन ने रिपोर्ट मांगी तो डीएम ने संयुक्त आयुक्त उद्योग और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को मौके पर भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक बांबे हाईकोर्ट में कताई मिल का वाद चल रहा है। मिल के पूर्व निदेशक राजेंद्र कुमार तथा महाप्रबंधक तकनीकी आरएन त्रिपाठी की ओर से 10 जुलाई 2020 के पत्र का हवाला देकर वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई है।

कताई मिल 13 वर्ष से बंद

1985 में स्थापित कताई मिल 10 अगस्त 2010 तक चली। पिछले 13 वर्ष से यह बंद है। भवन व मशीनें पुरानी हो गई हैं। बहेड़ी-रुद्रपुर मार्ग पर बहेड़ी कस्बे से 10 किमी दूर सैदूपर खुर्द मार्ग पर स्थित कताई मिल की जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं है। मिल की 12 हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है। अधिकतर कर्मचारी परिसर छोड़कर चले गए हैं। तमाम कर्मचारी दूसरे पेशे में लग गए हैं।

ये हैं आंकड़े

32 हेक्टेयर में फैला है मिल परिसर

30.91 करोड़ रुपये (सर्किल रेट के अनुसार) है जमीन की कीमत

19 करोड़ रुपये भवनों की कीमत

3.57 करोड़ रुपये मशीनों की अनुमानित कीमत

नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर भी हो रहा विचारकताई मिल चलाने के लिए निवेशकों से सहमति और मंजूरी में कोई अड़चन आती है तो परिसर को संरक्षित करते हुए यहां नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋषि रंजन गोयल ने बताया कि यूपी में पांच कताई मिल हैं। सभी जगह से शासन ने रिपोर्ट मांगी है। आगे का निर्णय शासन स्तर से होगा।


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