Shahjahanpur News: घोटाला किया जालसाजों ने, सजा भुगत रहे बुजुर्ग

जिला समाज कल्याण कार्यालय। संवाद
शाहजहांपुर। सात महीनों तक लगभग एक लाख बुजुर्गों की पेंशन सत्यापन के चक्कर में फंसी रही। अब जाकर लगभग 86 हजार बुजुर्गों की पेंशन आई है, जबकि करीब 13000 की अब भी आना बाकी है। घोटाला तो जालसाजों ने किया, लेकिन उसकी सजा वृद्धावस्था पेंशन के पात्र बुजुर्ग भुगत रहे हैं। उन्हें पेंशन नहीं मिल रही, जिसके चलते उन्हें समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं।
गरीब परिवारों के बुजुर्गों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से प्रतिमाह 1000 रुपये दिए जाते हैं। इस मदद का बुजुर्गों को बेसब्री से इंतजार रहता है। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के पात्रों की संख्या एक लाख एक हजार है। इनमें से 86 हजार बुजुर्गों की पेंशन इसी माह प्राप्त हुई है, लेकिन 13000 बुजुर्ग लाभार्थियों की केवाईसी नहीं होने के कारण अब भी फंसी हुई है। ऐेसे में बुजुर्ग बैंकों व समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सभी लाभार्थियों की केवाईसी पूरी कर ली है। अब उनके स्तर पर किसी भी लाभार्थी की केवाईसी शेष नहीं है। बैंक स्तर से केवाईसी और धनराशि खाते में भेजे जाने समस्या हो रही है, इसलिए बुजुर्गों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
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डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है पेंशन की धनराशि
वृद्धावस्था पेंशन के पात्रों को पेंशन का लाभ देने के लिए उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी जाती है। बताया जा रहा है कि डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजने में ही समस्या आ रही है। कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनके हाथ के अंगूठे को स्कैन करने पर फिंगर प्रिंट मैच नहीं कर रहा है। इसकी वजह से भी उनके खातों में धनराशि नहीं पहुंच पा रही, ऐसे में तमाम लाभार्थी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कई लाभार्थी इस दौरान बैंक कर्मियों पर लापरवाही का भी आरोप लगा रहे हैं।
समाज कल्याण अधिकारी के डोंगल से भेजी जाती थी पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन घोटाले से पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी के डोंगल से पेंशन बुजुर्गों को खाते में भेजी जाती थी। पेंशन घोटाले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के डोंगल का इस्तेमाल करके 2493 पेंशन धारकों की रकम फर्जी खातों में भेज दी गई थी। इसके बाद से शासन ने पेंशन रोक लगा दी और अपडेट पोर्टल तैयार किया। इसमें पेंशन धारक की केवाईसी अनिवार्य कर दी।
ज्यादातर लाभार्थियों के खाते में पेंशन का धनराशि पहुंच चुकी है। जो शेष रह रहे हैं, उन्हें पेंशन दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। बुजुर्गों को परेशानी न हो इसके लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
– वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी

