Pilibhit News: अब गोवंश संरक्षण करने वालों को मिलेंगे 50 रुपये प्रति पशु
पीलीभीत। गोवंशों को संरक्षण देने और उनकी देखरेख करने वाले ग्रामीणों को अब नई दर से भुगतान इस माह से ही किया जाएगा। शासनादेश आने के बाद पशु पालन विभाग की ओर से इसकी जानकारी सभी ब्लाॅकों पर दे दी गई है।
जिले में करीब 46 सौ पशु गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित हैं तो 25 सौ पशुओं को सहभागिता के तौर पर ग्रामीण पाल रहे हैं। गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित एवं सहभागिता योजना के तहत पाले जा रहे पशुओं को शासन की ओर से प्रति पशु रोजाना 30 रुपये का भुगतान किया जा रहा था। इस धनराशि से पशुओं का उचित संरक्षण और खानपान संभव नहीं हो पा रहा था। अब शासन ने यह राशि बढ़ाकर 50 रुपये कर दी है। 50 रुपये किसे दिए जाएंगे इसका विवरण तैयार किया जा रहा है। यह धनराशि पहली अक्टूबर से संबंधित पशुपालकों के खातों में भेजी जाएगी।
1700 ग्रामीणों का तीन माह का अटका है भरण पोषण भत्ता
सहभागिता योजना के तहत जिले के 1700 ग्रामीणों ने करीब ढाई हजार पशुओं को पाला है और उनके खान-पान की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पूर्व में छह माह से भरण पोषण भत्ता रुका चल रहा था। मामला सीडीओ के संज्ञान में आया तो पशुपालन विभाग ने सभी के खातों में तीन माह का भुगतान भेज दिया, बावजूद इसके अब भी तीन माह का भुगतान रुका हुआ है। सभी को जून तक का ही मिल सका है। इसको भी भेजने की पशुपालन विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।
पहली अक्तूबर से बढ़ा भत्ता खातों में भेजा जाएगा। शासन की ओर से दिशा निर्देश मिल गए हैं। इसमें गोआश्रय स्थल और सहभागिता से जुडे लोगों को लाभ मिलेगा। – डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी