Bareilly News: शातिरों ने तकनीक को ठगा, खाते में नहीं थे बीस हजार, एटीएम से निकाले सवा दो लाख
बरेली। यह जालसाजी का एक नया मामला है। इसमें शातिरों ने बैंकिंग तकनीकी को ही ठग लिया। खाताधारक के खाते में बीस हजार रुपये भी नहीं थे, लेकिन एटीएम से सवा दो लाख रुपये निकाल लिए। जालसाजों ने इस करतूत को तीन दिन में अंजाम दिया। अर्बन को-आपरेटिव बैंक को निशाना बनाया। रुपयों की निकासी के मिलान में गड़बड़ी सामने आई तो अफसर चौकन्ने हुए। अर्बन को-आपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक सर्वेश कटियार ने प्रेमनगर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। यही नहीं आनंद विहार कॉलोनी गेट के पास लगे एटीएम से एक जालसाज को बैंक प्रबंधक ने गार्ड व अन्य लोगों की मदद से पकड़कर पुलिस को सौंप भी दिया।
बैंक अफसरों ने बताया कि जालसाजों ने सात अक्तूबर को 59 हजार 500 रुपये निकाले और उसके बाद 9 अक्तूबर को एक लाख 70 हजार रुपये निकाले गए। निकासी मिलान में गड़बड़ी मिलने पर बैंक से जुड़े सभी एटीएम की जांच पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि एक एटीएम पर दो संदिग्ध गड़बड़ी कर रहे हैं। बैंक ने निगरानी शुरु की तो मंगलवार शाम करीब पांच बजे दो युवक आए और रुपये निकालने लगे। इसी बीच बैंक प्रबंधक और गार्ड राहुल कश्यप ने एक आरोपी को पकड़ लिया जबकि दूसरा भाग गया। इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अनुराग यादव निवासी गांव रीठी, कोतवाली सिकरारा जिला जौनपुर का है। उसने फरार हुए साथी का नाम संदीप बताया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके पास से 14 एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं। पुलिस मान रही है कि यह और भी कहीं ठगी करते होंगे।
एटीएम को चकमा देकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक ठगी के इस अनोखे मामले में आरोपी एटीएम को चकमा दे रहे थे। पकड़े गए आरोपी ने बताया कि वह दस हजार रुपये एटीएम से निकालने के लिए फीड करता था। पिन कोड डालने के बाद एटीएम से जब रुपये निकलकर आते थे तो वह पूरे रुपये नहीं निकालते थे। दस हजार में एक या दो नोट छोड़ देते थे। बचे हुए एक-दो नोट कुछ सेकंड बाद वापस एटीएम में चले जाते थे। इस तरह कुछ देर में ही उनके खाते में पूरा दस हजार रुपये वापस हो जाता था। इस तरह वह एटीएम को चकमा दे रहे थे। शातिरों के आगे फेल एटीएम एक-दो नोट वापस अंदर लेकर पूरे दस हजार रुपये की वापसी दिखा रहा था। इस तरह से उन्होंने तीन दिन में 2 लाख 29 हजार रुपये निकाल लिए।


