Bareilly News: डेंगू के नाम पर निजी अस्पताल कर रहे कारोबार
बरेली। बुखार के मरीजों की बढ़ती कतार के साथ कुछ निजी अस्पतालों ने ”कारोबार” शुरू कर दिया है। यहां मरीजों में डेंगू बताकर भर्ती किया जा रहा है, लेकिन यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के पास रिकॉर्ड नहीं भेज रहे। स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों को चिन्हित करने और कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
डेंगू के मरीजों की तादाद जिले में अब साढ़े तीन सौ हो गई है। सभी मरीज मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों से हुई एलाइजा जांच में पाॅजिटिव मिले थे, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत जिले के किसी भी निजी अस्पताल ने डेंगू मरीज का रिकॉर्ड दर्ज नहीं कराया है। जबकि इन अस्पतालों में भी बड़ी तादाद में बुखार के मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। बताते हैं कि इन मरीजों की जांच में एनएस-1 कार्ड टेस्ट पॉजिटिव मिलने भर से डेंगू बताकर तीमारदार को मरीज भर्ती कराने, प्लेटलेट्स लाने, तमाम जांच और बिल बनाने में जुट रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे निजी अस्पतालों की कुंडली तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। अभी रडार पर दो निजी अस्पताल और एक निजी लैब हैं। इनमें एक अस्पताल चौपुला रोड और दूसरा मिनी बाईपास पर है। लैब राजेंद्र नगर में संचालित है।
चेतावनी, नोटिस के बावजूद मनमानी जारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी निजी मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और लैब को संचारी रोग नियंत्रण के साथ ही दिशानिर्देश हैं कि डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, जापानी बुखार के मरीज मिलने पर तत्काल रिकॉर्ड सीएमओ कार्यालय को भेजना होगा। बीते दिनों सीएमओ कार्यालय की ओर से आईएमए को भी पत्र भेजकर यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर 12 संक्रामक बीमारियों की जानकारी देने के लिए कहा गया था।
डेंगू नहीं है कार्ड टेस्ट, एलाइज जांच जरूरी
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक एनएस-1 कार्ड टेस्ट की पाॅजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग डेंगू नहीं मानता। एलाइजा जांच पॉजिटिव मिलने पर ही डेंगू की पुष्टि होती है। कुछ निजी अस्पतालों में डेंगू बताकर मरीज भर्ती किए जाने की सूचना मिली है। उन्हें नोटिस जारी कर मरीजों के बयान दर्ज होंगे। अगर डेंगू बताकर भर्ती किए जाने की बात मरीज या तीमारदार ने बताई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।



