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Bareilly News: भाजपा-सपा आमने-सामने, बसपा-कांग्रेस को चमत्कार की उम्मीद

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बरेली। आज मतदान है। ठीक दो दिन बाद 13 मई को चुनाव परिणाम आएंगे। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मतदाताओं के बीच पिछले करीब एक महीने से प्रचार करने में लगे हुए थे। अब मतदाताओं की बारी है। वह अपने वोट से प्रत्याशियों का भाग्य लिखेंगे। वैसे तो नगर निगम में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, मगर प्रमुख दलाें की बात करें तो भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशी में सीधी टक्कर दिखाई दे रही है। बसपा और कांग्रेस अपनी रणनीति के आधार पर चमत्कार की उम्मीद में है।

नगर निगम मेयर सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम और सपा समर्थित प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। उमेश गौतम निवर्तमान मेयर हैं और भाजपा ने दूसरी बार मैदान में उतारा है। उधर, डॉ. तोमर दो बार मेयर रह चुके हैं और इस बार निर्दलीय मैदान में उतरे थे। बाद में सपा ने नाटकीय घटनाक्रम में अपने प्रत्याशी संजीव सक्सेना का पर्चा वापस करवाकर डॉ. तोमर को समर्थन दे दिया। 2017 के चुनाव में उमेश गौतम ने सपा से मैदान में उतरे डॉ. आईएस तोमर को हराया था। इसमें भाजपा को एक लाख, 39 हजार, 127 वोट मिले थे, जबकि सपा के डॉ. तोमर को एक लाख, 23 हजार, 211 मत मिले थे।

इस बार भी मुकाबला इसी तरह का करीबी होने की उम्मीद दिखाई दे रही है। हालांकि मुस्लिम वोटरों की खामोशी और बीच-बीच में मुस्लिम नेताओं के बयानों से हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के आसार बढ़ गए हैं। वहीं, बसपा प्रत्याशी युसूफ जरीवाला दलित-मुस्लिम समीकरण से चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने के साथ ही यह संदेश साफ कर दिया था कि वह मुस्लिम और दलित गठजोड़ पर चुनाव में आगे बढ़ने वाली है। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केबी त्रिपाठी अपनी बिरादरी के साथ पार्टी के कैडर वोटों के सहारे अपना दावा मजबूत बता रहे हैं। बड़े मुस्लिम नेताओं की बयानबाजी को वह अपने लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं।

नगर पालिका

आंवला में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

बरेली। आंवला नगर पालिका के चुनावी मैदान में मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिल सकता है। पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी तारिक उर्फ पप्पू कुरैशी ने 3916 वोट लेकर हार-जीत का गणित बदल दिया था। इस बार वह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं तो माना जा रहा है कि बसपा का कैडर वोट भी उनके साथ होगा। ऐसे में मामला अब त्रिकोणीय रहेगा। भाजपा प्रत्याशी संजीव सक्सेना निवर्तमान चेयरमैन हैं और सपा से सैयद आबिद अली चुनाव मैदान में हैं। मुकाबले की टक्कर सपा-भाजपा के बीच ही थी। मगर बसपा ने मुकाबला रोचक कर दिया। सैय्यद आबिद अली 2012 में मौलाना तौकीर रजा खां की आईएमसी से चुनाव जीतकर बाद में सत्ताधारी दल सपा में शामिल हो गए थे। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए निकाय चुनावों में बेहद कडे़ मुकाबले में भाजपा के सजीव सक्सेना ने 7031 वोट लेकर सपा के आबिद अली को 386 वोटो से हरा दिया था। वहीं, 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके अमित कुशवाह इस बार कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं और कैडर वोट से उम्मीदें लगा रहे हैं।

नवाबगंज : भाजपा-सपा में मुकाबला, निर्दलीय गुलनाज भी देंगी टक्कर

बरेली। नवाबगंज में चुनाव की हवा इस बार बदली हुई है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर ने पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने प्रेमलता राठौर को 170 वोटों से हराया था। मगर इस बार वह चुनाव में नहीं है, उनकी बेटी समन ताहिर का नामांकन भी निरस्त हो चुका है। ऐसे में शहला के पति डॉ. मोहम्मद ताहिर ने दूसरी पत्नी गुलनाज को निर्दलीय उतारा है। वह चुनाव में मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण जरूर करेंगी। ऐसे में सीधी टक्कर भाजपा की प्रेमलता राठौर और सपा की खुशनाज के बीच दिखाई देगी। वहीं, कांग्रेस की रेहाना मुस्लिम मतों की ओर देख रही हैं तो बसपा की समर्थित प्रत्याशी बेनजीर मुस्लिम और दलित गठजोड़ के सहारे ही अपनी नैया पार करने की सोच रहे हैं।

फरीदपुर : सपा में लड़ाई से भाजपा-बसपा में सीधी टक्कर

बरेली। फरीदपुर नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी ब्रह्माशंकर गुप्ता और बसपा प्रत्याशी गिरजा देवी गुप्ता के बीच सीधी टक्कर है। भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान पालिकाध्यक्ष पूनम गुप्ता के पति हैं। भाजपा ने इस बार इनके पति को मैदान में उतारा है। वहीं गिरजा देवी के पति लालाराम गुप्ता भी पालिकाध्यक्ष रह चुके हैं। वह पहले भाजपा से टिकट मांग रही थी। टिकट न मिलने पर उन्होंने बसपा से टिकट लिया। इधर, सपा ने पहले शराफत जरी वालों को टिकट दे दिया। ऐसे में मुकाबला सपा-भाजपा के बीच था। मगर फिर नाटकीय ढंग से सपा ने इनका टिकट रद्द करके सेठ शराफत हुसैन को टिकट दे दिया। फिर एक नामांकन के अंतिम दिन सेठ शराफत का टिकट काटकर शराफत जरी वालों को दे दिया। अब शराफत जरी वालों के पास साइकिल का सिंबल है, मगर पार्टी ने समर्थन सेठ शराफत को दिया है। ऐसी स्थिति में पार्टी कार्यकर्ता, वोटर अंत तक असमंजस में रहे। इससे मुकाबला भाजपा-बसपा के बीच हो गया।

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बहेड़ी : कमल, साइकिल और हाथी में होगा मुकाबला

बरेली। बहेड़ी नगर पालिका में इस बार कहीं कमला खिलता दिखाई पड़ेगा तो कहीं साइकिल दौड़ रही होगा और हाथी की चाल भी कई वार्डों में दिखाई देगा। कुल मिलाकर बहेड़ी का मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष फौजुल नसीम बसपा से चुनाव लड़ रही है। वह दूसरी बार मैदान में हैं और भाजपा से रश्मि जायसवाल पांचवीं बार मैदान में है। पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रही थी। सपा के समर्थन से अंजुम रशीद की पुत्रवधू उजमा रशीद पहली बार चुनावी मैदान में हैं और अंजुम रशीद दो बार पालिकाध्यक्ष रहे हैं और कांग्रेस से सलीम अख्तर की पत्नी मैनाज बेगम पहली बार चुनाव मैदान में है। उनके ससुर हाजी जमील अहमद कांग्रेस से दो बार पालिकाध्यक्ष रह चुके हैं। निर्दलीय गजाला सलीक एक बार फिर मैदान में है। वह पांचवां चुनाव लड़ रही है। एआईएमआईएम से शादाब की पत्नी चुनावी मैदान में। चार प्रत्याशी मुस्लिम समुदाय से होने से मुस्लिम मतदाताओं में बिखराव तय माना जा रहा है। इसी आधार पर चुनाव भी त्रिकोणीय स्थिति में चला गया। माना जा रहा है कि भाजपा, बसपा और सपा तीनों मजबूत चुनाव लड़ेंगे।


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