Bareilly News: करंट अकाउंट से होती है ठगी, विदेश से ऑपरेट हो रहे टेलीग्राम चैनल
बरेली। टेलीग्राम के जरिये रईसों से हो रही लाखों रुपयों की ठगी में धंधेबाज बेहद शातिर हैं। वह साक्ष्य ही नहीं छोड़ रहे। कई प्रांतों और शहरों में भटककर टीमें निराश लौट रही हैं।
ठगी के लिए धंधेबाज लोगों को विभिन्न लक्ष्य देकर उनके वॉलेट अकाउंट खुलवा देते हैं जिन्हें अपने टेलीग्राम चैनल से इच्छा के मुताबिक ऑपरेट करते हैं। सामान्य परिस्थिति में यह रकम संबंधित व्यक्ति नहीं निकाल पाता और इसी को लाभार्थी के सही बैंक खाते में डालने के नाम पर ठगी होती है। अधिकांश मामलों की पड़ताल में सामने आया है कि जिन खातों से शिकार को फंसाने के लिए रुपया भेजा जाता है, उनमें से अधिकांश करंट अकाउंट (चालू खाता) हैं।
ठग इन खातों को इसलिए भी इस्तेमाल करते हैं इनसे बड़े लेनदेन पर बैंकों की ज्यादा निगरानी नहीं रहती। अभी तक साइबर क्राइम थाने की पुलिस को अधिकतर चैनल अमेरिका, इंग्लैंड व अफगानिस्तान से ऑपरेट होते मिले हैं। जबकि, ठगी के शिकार होने वाले लोग स्थानीय हैं। आधे से ज्यादा मामलों में टीम को कार्रवाई लायक साक्ष्य नहीं मिल पा रहे हैं। दूर शहरों व प्रदेशों में जाने पर पता लगता है कि जिन खातों से रकम भेजी या निकाली गई, उनके असली मालिक सही लोग हैं और उन्हें खुद इसी तरह के टेलीग्राम चैनल के जरिये ठगा जा चुका है।
वर्जन
टेलीग्राम एप के जरिये हो रही ठगी के मामलों में टीमें जांच कर रही हैं। अधिकतर मामलों में लोगों को लालच देकर ठगी की जा रही है। ज्यादातर पीड़ितों के पास कोई ऐसी पुष्ट जानकारी या साक्ष्य नहीं, जिससे आरोपियों पर शिकंजा कस सके। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। – अनिल कुमार, प्रभारी साइबर थाना
ये बरतें सावधानी
किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद कर दें।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।



