Bareilly News: स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर-स्टाफ नदारद, भटकते रहे मरीज
बरेली। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की कवायद रस्म अदायगी बनकर रह गई है। इसकी बानगी रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर देखी गई। कुछ केंद्रों पर डॉक्टर नहीं थे, तो कहीं दवाएं खत्म हो गई थीं। कुछ केंद्रों पर डॉक्टर, स्टाफ दीपावली की तैयारियों में जुटे थे। इधर, मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को 71 केंद्रों पर आरोग्य मेला आयोजित किया गया। 102 डॉक्टर और 334 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती थी, लेकिन अमर उजाला टीम ने केंद्रों का जायजा लिया तो दावे कागजी मिले। फरीदपुर के शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर दोपहर एक बजे तक नहीं पहुंचे। यहां जो मरीज आए वे डॉक्टर न होने की सूचना पर लौटते रहे। दोपहर 12.30 बजे स्टाफ नर्स पहुंची और ओपीडी में 60 मरीजों को देखा। प्रभारी डॉ. शिवम यादव ने बताया कि अस्पताल का अधिकतर स्टाफ पीईटी देने गया है, इसलिए आ नहीं सका।
नवाबगंज सीएचसी पर दीपावली की तैयारियां चल रहीं थीं। यहां कार्यालय और वार्डों की साफ-सफाई कर जाले हटाए रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे तक यही क्रम जारी रहा, फिर मरीज देखे गए। फतेहगंज पश्चिमी सीएचसी पर कोई एंबुलेंस मौजूद न होने से रेफर मरीज परेशान हुए।
रिछा सीएचसी पर भी नहीं पहुंचे डॉक्टर
सीएचसी रिछा पर दोपहर एक बजे तक 39 मरीज देखे गए। उनकी जांच के बजाय उन्हें दवा देकर लौटा दिया गया। क्षेत्र में डेंगू के कई केस मिल चुके हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. शुएब खान मौजूद नहीं थे। मेले में बाल विकास विभाग से कोई कार्यकर्ता नहीं पहुंची। शेरगढ़ सीएचसी पर 150 मरीजों को डॉक्टरों ने देखा और दवाएं दीं। डॉक्टर और स्टाफ मौजूद था।
आंवला सीएचसी पर नहीं थी चर्म रोग की दवा
सीएचसी व अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 135 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। डाॅ. विकास यादव ने बताया कि केंद्र पर चर्मरोगों की दवा ओरनामेंट और लोशन नहीं है। हालांकि, अन्य दवाएं हैं। मीरगंज सीएचसी पर स्वास्थ्य मेला नहीं लगा। सीएचसी प्रभारी ने कहा कि मेला लगा था, मरीज कम आने से स्टाफ चला गया।
वर्जन
जन आरोग्य मेला की निगरानी सीधे शासन स्तर से होती है। जिन केंद्रों पर अव्यवस्था रही और स्टाफ, डॉक्टर नदारद रहा, उनसे जवाब तलब किया जाएगा। दवाएं पर्याप्त हैं। जहां कम हैं, वहां भेजी जा रही हैं। – डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ


