Rampur News: भूमाफिया घोषित किए जा चुके हैं आजम, किसानों की जमीन कब्जाने का भी आरोप
रामपुर। सपा नेता आजम खां ने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने के लिए सरकारी ही नहीं बल्कि किसानों व दलितों की जमीन पर भी कब्जा किया। किसानों के जमीन के जबरन बैनामा पुलिस की मदद से कराए गए, जिनके मुकदमे अभी भी कोर्ट में विचाराधीन हैं। किसान इंसाफ के लिए अभी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके अलावा उन पर शत्रु संपत्ति, नहर विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य विभागों की जमीन कब्जाने के भी आरोप लगे हैं। यही वजह रही कि उनको सरकार भूमाफिया तक घोषित कर चुकी है। भूमाफिया का टैग अभी भी उन पर लगा हुआ है।सपा नेता आजम खां 2012 से लेकर 2017 तक प्रदेश के काफी ताकतवर मंत्री रहे। उन्होंने सरकारी जमीन के साथ ही तमाम किसानों और दलितों की जमीन पर भी कब्जा किया। इसके बाद सरकार बदली और फिर उनकी मुश्किलों का दौर शुरू हुआ। सपा नेता पर सियासी विरोधियों ने उनके पूरे कारनामों का चिठ्ठा तैयार किया और फिर गेंद शासन के पाले में डाल दी। शहर विधायक आकाश सक्सेना ने जमीनों के कब्जाने की शिकायतें कीं। इसके साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कब्जाई गई जमीन के विरोध में यहां के किसान भी आ गए। सींगनखेड़ा समेत आसपास गांव के 27 किसानों ने सपा नेता आजम खां पर जमीन कब्जाने के मुकदमे अजीमनगर थाने में दर्ज कराए जो कि इस वक्त कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा उन पर शत्रु संपत्ति को कब्जाने के मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हमसफर रिसॉर्ट में नहर की जमीन कब्जाने के भी आरोप हैं। आजम पर गूल की जमीन कब्जाने का भी आरोप है। इन सबके चलते उनको 2019 में सरकार की ओर से भूमाफिया भी घोषित कर दिया गया।