Pilibhit News: जांच के नाम पर आरपीएफ इंस्पेक्टर पर बुलाकर धमकाने का आरोप
पूरनपुर। रेलवे कर्मचारी की रेलवे स्टेशन पर लात-घूसों से की गई पिटाई के मामले में पीडि़त कर्मचारी ने आरपीएफ इंस्पेक्टर पर जांच के नाम पर बुलाकर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कर्मचारी रामाशीष सिंह ने मामले की शिकायत स्टेशन अधीक्षक, मुख्य यातायात निरीक्षक और वरिष्ठ मंडी परिचालन प्रबंधक को पत्र भेजकर की है।
पूरनपुर रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित कक्षों में तीन दिन तक एक प्राइवेट कंपनी के लोगों ने युवकों को नौकरी देने के नाम पर इंटरव्यू लिया था। जानकारी पर स्टेशन अधीक्षक विपिन सोलंकी ने 28 अक्तूबर को इसका विरोध कर प्राइवेट लोगों को परिसर से बाहर निकलने की चेतावनी दी। तब स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में ठेकेदार का प्रतिनिधि गनर के साथ रुतबा जमाने आ धमका था। इस दौरान ठेकेदार के लोगों ने प्वाइंट मैन रामाशीष की लात घूसों से पिटाई कर दी थी।
रामाशीष की शिकायत पर आरपीएफ के दरोगा जितेंद्र सिंह ने 29 अक्तूबर को स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में पहुंचकर जांच की। रामाशीष ने बताया कि अगले दिन 30 अक्तूबर को जांच के नाम पर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने उसे थाने बुलाया। आरोप है कि आरपीएफ इंस्पेक्टर ने उसकी डांट लगाई और उसके खिलाफ क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने, ऑन ड्यूटी केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी।
रामाशीष ने पूरे मामले की शिकायत स्टेशन अधीक्षक विपिन सोलंकी, मुख्य यातायात निरीक्षक से की। दोनों अफसरों ने सहानुभूति पूर्वक विचार को पत्र अग्रसारित किया। रामाशीष ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।



