Bareilly News: वित्तीय अनियमितता मामले में प्राचार्य समेत पांच पर रिपोर्ट
बहेड़ी। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय में निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता के मामले में कॉलेज के तत्कालीन प्रबंधक के साथ कोषाध्यक्ष, प्राचार्य, आर्किटेक्ट और कार्यदायी संस्था के प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। डीएम के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। कमिश्नर ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। डीएम ने प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर जांच के लिए टीम बनाई थी। जांच में मामला सही पाया गया।
प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कॉलेज का मुख्य द्वार, पुराने भवन की छत सहित मरम्मत और बिजली से संबंधित कई काम कराए गए थे। इसके लिए कार्यदायी संस्था को 43.21 लाख रुपये का भुगतान दिया गया। निर्माण पर खर्च हुए बजट में से 13.46 लाख रुपये बकाया था। इस भुगतान को बाद में रोक दिया गया।
निर्माण कार्यों में धांधली का आरोप लगाकर शिकायत की गई थी। जांच में सामने आया कि संस्था को अतिरिक्त लाभ पहुंचाया गया। जांच रिपोर्ट कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के समक्ष कमेटी ने प्रस्तुत की। कमिश्नर ने जांच में प्रबंधक, कोषाध्यक्ष, प्राचार्य, आर्किटेक्ट व कार्यदायी संस्था को दोषी माना। कमिश्नर ने डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम रवींद्र कुमार के आदेश पर प्राचार्य ने काॅलेज के तत्कालीन प्रबंधक केंद्र पाल सिंह, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, प्राचार्य अखिलेश पांडेय, आर्किटेक्ट एस के आलेकर और कार्यदाई संस्था के प्रमुख गोपाल मूलचंदानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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जांच में इन पांच लोगों पर आरोप साबित हुए थे। रिपोर्ट कमिश्नर को दी गई। डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। – डॉ. हरिकेश सिंह, प्राचार्य



