Pilibhit News: जिले के 4800 लोगों का होगा फाइलेरिया टेस्ट

जांच करती टीम । स्रोत – मलेरिया विभाग
रात नौ बजे के बाद होंगे टेस्ट, 10 नवंबर तक पूरा होना है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में फाइलेरिया की रोकथाम के लिए इस बार भी रेंडम जांच की जा रही है, जिसमें 4800 लोगों का टेस्ट किए जाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य महकमा 10 नवंबर तक इन लोगों की जांच पूरी करेगा।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पंकज द्विवेदी ने बताया कि जिले में फाइलेरिया टेस्ट शुरू हो चुका है, जो रात के समय हो रहे हैं। रात में ही फाइलेरिया का संक्रमण सक्रिय होता है, ऐसे में सभी टेस्ट रात को ही होते हैं।
टेस्ट के लिए पहले से ही गांव और लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अगर एक फीसदी से अधिक लोग फाइलेरिया से ग्रसित पाए गए तो डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। अगर एक फीसदी से कम पाए गए तो तीन चरणों में फिर से टेस्ट होंगे और मामले नहीं बढ़े तो जिले को फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा सकता है।
टेस्ट के बाद ही जिले की स्थिति के बारे में पता चलेगा। जिले में मौजूदा समय में 722 लोग फाइलेरिया से पीड़ित हैं।
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फाइलेरिया के यह हैं लक्षण
बुखार, बदन में खुजली, पुरुषों के जननांग व उसके आस-पास दर्द, सूजन, पैरों, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन)। इस बीमारी को हाथीपांव भी कहा जाता है। अगर कोई मरीज फाइलेरिया से पीड़ित है तो वह पैर की सफाई करते समय ब्रश का प्रयोग न करे, इससे पैरों पर घाव हो जाते हैं। जितना हो सके अपने पैर को आरामदायक स्थिति में रखे। व्यायाम करे, कहीं भी, कभी भी, पैदल चलना अच्छा व्यायाम है।
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क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फाइलेरिया होता है। मच्छर काटने के बाद दर्द, सूजन व काटे हुए जगह पर छूने से दर्द होता है। बुखार और थरथर्राहट होती है। दो माह बाद उस स्थान पर रक्त प्रवाह रुक जाता है। ऐसे में हम सभी को मच्छरों से पूरी तरह बचना चाहिए। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें, अपने घर के आसपास गंदगी और पानी एकत्र न होने दें।