Bareilly News: कैंट इंस्पेक्टर घिरे, एसपी सिटी ने तलब किया रिकॉर्ड
बरेली। मिलिट्री इंटेलीजेंस के गुडवर्क को चुटकियों में बर्बाद करने में कैंट थाना प्रभारी घिर गए हैं। अफसरों को बिना जानकारी दिए फैसला लेने के मामले में एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी ने रिपोर्ट तलब कर ली है। इधर, मिलिट्री इंटेलिजेंस की स्थानीय इकाई ने लखनऊ में अपने अफसरों को रिपोर्ट भेज दी है।
उत्तराखंड के देवनगर शक्तिफार्म निवासी विक्की मंडल सेना से भगोड़ा फौजी है। उसका गिरोह करीब 300 अभ्यर्थियों से नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। मिलिट्री इंटेलीजेंस लखनऊ की बरेली इकाई ने बड़ी मुश्किल से ऐसे चार लोग जुटाए थे, जिनसे बरेली में ही ठगी की गई थी। कैंट पुलिस पीड़ितों की नहीं सुन रही थी तो विंग के अधिकारी ने एसएसपी से मिलकर शिकायत की थी। एसएसपी के निर्देश पर कैंट थाने में रिपोर्ट कराई गई थी।
मिलिट्री इंटेलीजेंस ने ही करीब महीनेभर बाद मंगलवार को जाट रेजीमेंट के पास घूम रहे विक्की मंडल को पकड़कर कैंट थाना पुलिस को सौंपा था। यहां इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह व दरोगा आबिद अली ने विक्की से पूछताछ की। रिपोर्ट कराने वाले पीड़ितों को सूचना दी तो वह पहुंच गए।
सूत्रों के मुताबिक यहां विक्की ने अपने गिरोह के लोगों से बात करके पीड़ितों को रकम वापसी का भरोसा दिलाया। इस पर वह लौट गए। फिर विक्की मंडल को भी छोड़ दिया गया। कैंट पुलिस का तर्क था कि सात वर्ष से कम सजा के मामले में गिरफ्तारी न होने की वजह से विक्की को नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया।
अफसरों से छुपाई बात, हो सकती थी गिरफ्तारी
नियमावली में ये स्पष्ट है कि सात वर्ष से कम सजा के मामलों में गिरफ्तारी जरूरी नहीं है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट है कि आरोपी के भविष्य में भागने के अंदेशे या अन्य कारणों को दिखाकर पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा सकती है। ऐसे में पुलिस अपनी सहूलियत के हिसाब से नियमों को तोड़मरोड़ लेती है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। इंस्पेक्टर ने न तो अफसरों से पूछने की जहमत उठाई और न ही मिलिट्री इंटेलीजेंस को भरोसे में लिया।
वर्जन
कैंट थाना पुलिस से विक्की मंडल का रिकॉर्ड तलब किया गया है। नियमों के आधार पर उसे छोड़ने की बात कही जा रही है, पर किसी अधिकारी को जानकारी न देना गलत रहा है। मामले में जांच कर गुणदोष देखा जाएगा। – राहुल भाटी, एसपी सिटी



