मेला ककोड़ा : सुविधाएं नहीं… तहबाजारी शुल्क बढ़ाया

मेला ककोड़ा में लगाए जा रहे तम्बू। संवाद
कादरचौक। मेला ककोड़ा में लगने वाली दुकानों से तहबाजारी शुल्क वसूला जाता है। इस रकम से ही जिला पंचायत मेले में दुकानदारों और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इस बार तहबाजारी शुल्क में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है, लेकिन सुविधाएं वही पुरानी हैं। एक साथ 15 फीसदी वृद्धि होने से दुकानदार परेशान हैं।
जिला पंचायत की ओर से लगने वाले मेला ककोड़ा में दूरदराज से दुकानदार, खेल-तमाशे और वैरायटी शो वाले आते हैं। दुकानदारों को 15 दिन चलने वाले मेले से ठीक-ठाक कमाई होने की उम्मीद होती है, क्योंकि इसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले में दुकानदारों से हर साल तहबाजारी शुल्क वसूला जाता है। जिला पंचायत ने इस बार तहबाजारी का ठेका पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा रकम में किया है।
पिछले साल एक वर्ग फुट जगह का दुकानदारों से 845 रुपये लिया गया था। इस बार यह शुल्क बढ़कर 980 रुपये हो गया है, जबकि सहुलियतों और सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया गया हैै। बिजली से लेकर पानी, शौचालय तक की व्यवस्था दुकानदारों को खुद ही करनी पड़ती है। इसके लिए भी दुकानदारों को अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ती है। हैंडपंप पिछले साल 300 रुपये और शौचालय सीट 350 रुपये में मिली थी। इस बार इन दाेनों पर भी 50-50 रुपये बढ़ गए हैं।
मेले में पहुंचा टेंंट का सामान
मेला ककोड़ा में शुक्रवार से टेंट का सामान पहुंचना शुरू हो गया। इस बार भी मेले में आगरा के ठेकेदार राजेंद्र अग्रवाल की तरफ से तंबुओं का शहर तैयार किया जाएगा। पहले दिन एक टेंट लगाकर इसकी औपचारिक शुरुआत कर दी गई है।


