बदायूं

Budaun News: पुलिस को शक- कोई नजदीकी ही है ग्राम प्रधान का हत्यारा

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Police suspect - someone close to him is the murderer of the village head

घटना स्थल पर परिवार वाले से बात करते एसएसपी डॉ.ओपी सिंह। संवाद

वजीरगंज/रेहड़िया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव लखनपुरा में हुई ग्राम प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अलबत्ता पुलिस को किसी नजदीकी पर ही वारदात को अंजाम देने का शक है। हालांकि परिजनोंं का कहना है कि प्रधान का कुछ दिन पहले एक व्यक्ति से विवाद हुआ था। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

ग्राम प्रधान शिवचरण ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे। उनके दो बेटे और पांच बेटियां हैं। बड़े बेटे किशनपाल, बेटी गीता और वीरवती की शादी हो चुकी है, बेटी चांदनी, यादवती, रूबी और बेटा राकेश अभी पढ़ रहे हैं। ग्राम प्रधान के नाम 25 बीघा जमीन है। खेतीबाड़ी का काम किशनपाल देखते हैं, लेकिन वह प्रधानी के कार्यों से दूर रहते हैं। प्रधानी का सारा काम शिवचरण के रिश्ते के चाचा तोताराम देखते हैं।

किशनपाल का कहना है कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति से विवाद जरूर हुआ था, लेकिन रंजिश जैसी कोई बात नहीं थी। दरअसल, शिवचरण बेहद सीधे सरल व्यक्ति थे। अगर किसी से कभी उनकी कहासुनी हो भी जाती थी तो अगले दिन वह उसे भुला देते थे और खुद ही उस व्यक्ति से बोलने लगते थे। इससे उनकी किसी से रंजिश नहीं थी। हालांकि जिस व्यक्ति से विवाद हुआ था, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। कुछ और संदिग्ध भी पकड़े गए हैं।

अब तक की छानबीन में पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है कि आखिर प्रधान की हत्या क्यों और किसने की है। दूसरी ओर पुलिस को किसी नजदीकी पर भी शक है। इस दिशा में जांच की जा रही है। पुलिस मान रही है कि हत्यारे को प्रधान की हर गतिविधि के बारे में जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि प्रधान शराब के नशे में हैं और कहां सो रहे हैं। फिलहाल थाना पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। थाना पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा किया है।

आखिर क्यों किसी को सुनाई नहीं दी ग्राम प्रधान की चीखें

ग्राम प्रधान की हत्या में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उनकी चीखें लोगों ने क्यों नहीं सुनीं। बृहस्पतिवार रात जिस टिनशेड़नुमा बैठक में शिवचरण सो रहे थे, ठीक उसकी दीवार के पीछे परिवार के लोग सो रहे थे। पुलिस का कहना है कि उस दीवार में जगह-जगह छेद हैं। इसके बावजूद परिवार वाले उनकी चीखें सुनने से इन्कार कर रहे हैं। परिवार वालों का तो यह कहना है कि उन्होंने सुबह करीब छह बजे ही प्रधान की लाश देखी थी।

शिवचरण एक बार हार गए थे चुनाव

ग्राम पंचायत तालिमनगर से शिवचरण दो बार प्रधानी का चुनाव लड़े थे। पहली बार वह केवल छह वोटों से हार गए थे। दूसरी बार में उनकी करीब 100 वोटों से जीत हुई थी। उनकी ग्राम पंचायत में करीब सात सौ वोट हैं, जबकि उनके गांव में केवल ढाई-तीन सौ वोट हैं। उनकी हत्या में प्रधानी के चुनाव की वजह भी निकलकर सामने नहीं आ रही है। हालांकि इस एंगल पर भी छानबीन की जा रही है।

घटना स्थल पर परिवार वाले से बात करते एसएसपी डॉ.ओपी सिंह। संवाद

घटना स्थल पर परिवार वाले से बात करते एसएसपी डॉ.ओपी सिंह। संवाद


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