Bareilly News: पढ़ाई में फिसड्डी और शौक रहनुमाई का
बरेली। नगर निगम के नवनिर्वाचित 80 पार्षदों में आठ निरक्षर और पांच महज पांचवीं पास हैं। 13 पार्षदों की शैक्षिक योग्यता जूनियर हाईस्कूल है। नवनिर्वाचित पार्षदों में सात दसवीं और 12 इंटरमीडिएट पास हैं। ये भले ही पढ़ाई में फिसड्डी रहे हों, लेकिन जनता की रहनुमाई का शौक रखते हैं। महज 21 पार्षद स्नातक और 11 परास्नातक हैं।
सरकारी सेवाओं में जाने के लिए भले ही शैक्षिक योग्यता निर्धारित है, लेकिन चुनाव लड़ने और सरकार बनाने के लिए शिक्षित होना जरूरी नहीं। शहर के लोगों ने 22 उच्च शिक्षित पार्षदों को चुना है, वहीं निरक्षर और अल्प शिक्षित पार्षदों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। पार्टीवार बात करें तो सपा के दो पार्षद पांचवीं, पांच पार्षद आठवीं पास और एक निरक्षर हैं। नवनिर्वाचित पार्षदों में सात महिला और एक पुरुष पार्षद निरक्षर हैं। कुल 11 परास्नातक पार्षदों में आठ महिला और तीन पुरुष हैं।
स्नातक पार्षदों में 14 पुरुष और सात महिलाएं शामिल हैं। निर्दलीय चुनाव जीतने वाले 11 पार्षदों में चार परास्नातक, एक स्नातक हैं। दो आठवीं, एक इंटर, दो दसवीं पास और एक पार्षद निरक्षर हैं। निरक्षर और अल्प शिक्षित पार्षदों की संख्या राजनीतिक दलों में ज्यादा है। कांग्रेस का एक पार्षद निरक्षर और दो पांचवीं पास हैं।
32 महिलाएं चुनी गईं पार्षद
नगर निगम के 80 वार्डों में 32 महिलाएं पार्षद चुनी गई हैं। भाजपा से सबसे ज्यादा 21 महिलाएं पार्षद निर्वाचित हुई हैं। सपा से तीन और कांग्रेस से दो महिलाएं पार्षद बनी हैं। एक महिला एआईएमआईएम से पार्षद बनी हैं। कुल 11 निर्दलीय पार्षदों में पांच महिलाएं हैं।



