Pilibhit News: आज से स्कूल के समय शहर में नहीं घुसेंगे गन्ना लदे वाहन

गन्ना लदा वाहन । संवाद
पीलीभीत। गन्ना भरे वाहन स्कूल के खुलने और छुट्टी होने के समय शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के चारों ओर करीब सात जगह चिह्नित कर वहां पर नो इंट्री जोन बनाया है। यह नई व्यवस्था सोमवार से शहर में लागू कर दी गई है।
शहर स्थित एलएच शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू हो गया है। मिल चालू होने से गन्ना लदे वाहन शहर की सड़कों से गुजरने लगे हैं। शहर के अधिकांश स्कूल टनकपुर रोड पर हैं। सैकड़ों बच्चे टनकपुर हाईवे से होकर ही स्कूल आते-जाते हैं। गन्ना भरे ट्रकों से हमेशा हादसा होने की आशंका रहती है। सड़कों पर स्कूलों के समय जाम न लगने पाए। इसे ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था को सोमवार से लागू किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत स्कूल खुलने के समय सुबह सात से दस बजे तक और छुट्टी के समय दोपहर एक से शाम चार बजे तक गन्ना लदे वाहन शहर में नहीं घुस सकेंगे। ट्रैफिक प्लान का पुलिस और मिलकर्मी पालन कराएंगे। व्यवस्था का पालन कराने के लिए एलएच शुगर मिल प्रबंधन अपने स्तर से पर्याप्त संख्या में कर्मियों को भी लगाएगा। गन्ना लदे वाहन तय समयावधि में ही शहर में प्रवेश कर सकेंगे। शहर के बाहर से वाहन नियंत्रित गति व व्यवस्थित तरीके से ही चीनी मिल तक जा सकेंगे।
250 से ज्यादा ट्रक एक दिन में आते हैं चीनी मिल में
शहर स्थित एचएच चीनी मिल में दिन में करीब 250 से ज्यादा ट्रक आते-जाते हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे में दिन भर चौराहों व शहर स्थित हाईवे की क्या स्थिति रहती होगी। चूंकि हाईवे टूलेन है, इसलिए खतरा ज्यादा रहता है। हर साल हाईवे पर गन्ना लदे ट्रकों से हादसा होता है। बीते साल ठीक गौहनिया चौराहे पर गन्ने के ट्रक के नीचे आकर साइकिल सवार की मौत हो गई थी।
इन जगहों पर खड़े करवाए जाएंगे गन्ने के ट्रक
गन्ना लदे वाहनों को जेएमबी तिराहा, चिरौंजीलाल इंटर कॉलेज चौराहा, पूरनपुर गेट, कचहरी रोड स्थित गत्ता फैक्टरी, खकरा पुल, डिग्री कॉलेज चौराहा, रूपपुर कृपा पर रोका जाएगा। इन स्थानों पर यातायात पुलिस एवं होमगार्ड के अलावा शुगर मिल प्रबंधन के गार्ड भी दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे।
गन्ना भरे वाहनों को स्कूल समय पर शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। चौराहों पर अब ट्रैफिक पुलिस के साथ फैक्टरी के कर्मचारी भी लगाए जाएंगे। ताकि शहर में किसी तरह का जाम न लग सके। – राघवेंद्र सिंह, टीएसआई

