Budaun News: पिता से दो बीघा जमीन अपने नाम कराना चाहता था सचिन
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में पिता सुभाष शर्मा की गोली मारकर हत्या करने का आरोपी सचिन उनसे दो बीघा जमीन अपने नाम कराना चाहता था। इसके लिए वह कई महीने से सुभाष पर दबाव बना रहा था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थे। इससे सचिन उनसे खुन्नस मानने लगा।
तीन महीना पहले सुभाष ने अपनी 11 बीघा जमीन में से नौ बीघा बेच दी तो सचिन बौखला गया। वह किसी भी कीमत पर बाकी दो बीघा जमीन अपने नाम कराना चाहता था। रविवार सुबह उसने ट्यूबवेल पर जाते समय सुभाष को सरसों के खेत में घेर लिया। तमंचा तानकर उनसे जमीन अपने नाम करने की हामी भरने को कहा। जब वह जमीन देने को तैयार नहीं हुए तो उसने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
सुभाष शर्मा के नाम कुल केवल 11 बीघा जमीन थी। इसमें से नौ बीघा जमीन तीन माह पहले करीब 27 लाख रुपये में बेच दी थी। इसमें से उन्होंने एक रुपया भी पत्नी और बेटे को नहीं दिया। दोनों ने कई बार रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने मना कर दियाा। ग्रामीणों के मुताबिक, बाकी बची दो बीघा जमीन सचिन अपने नाम कराना चाहता था।
सचिन रविवार को पूरी तैयारी के साथ खेत पर पहुंचा था। सुभाष अपनी गन्ने की फसल देखते हुए ट्यूबवेल की ओर जा रहे थे। नजदीक में ही उनके चचेरे भाई मुनेश गन्ने की छिलाई कर रहे थे। जब उन्होंने सुभाष और सचिन को सरसों के खेत में खड़े देखा तो उस वक्त दोनों में जमीन को लेकर गालीगलौज हो रही थी। एक पल बाद ही एक-एक करके दो गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद उन्होंने सचिन को तमंचा लेकर भागते देखा।
जब तक वह मौके पर पहुंते, तब तक सुभाष की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि वैसे दोनों पिता-पुत्र के बीच करीब नौ साल से विवाद चल रहा था। पांच माह पहले उनका विवाद थाने तक भी पहुंचा था। इस पर पुलिस ने दोनों को मुचलका पाबंद कर दिया था। उसके बाद से कोई मामला थाने तक नहीं पहुंचा।
चचेरे भाई के घर रहने पर सवाल उठाता था सचिन
विवाद की एक वजह सुभाष का चचेरे भाई के घर रहना भी थी। पांच माह पहले जब दोनों का विवाद थाने पहुंचा था, तब सचिन ने सुभाष के अपने चचेरे भाई मुनेश के घर रहने पर सवाल उठाया था। उसका कहना था कि आखिर वह अपना घर छोड़कर मुनेश के घर में क्यों रहते हैं। सचिन अक्सर सुभाष के चरित्र पर लांछन लगाता था।
तीन भाइयों में सबसे छोटे थे सुभाष, दर्ज हैं कई मामले
सुभाष के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। सुभाष तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई अशोक सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह अपने परिवार के साथ बरेली में रहते हैं। मझला भाई टेनी हिस्ट्रीशीटर है। वह कुछ समय पहले तमंचे के साथ पकड़ा गया था, तब से जेल में है। सुभाष के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
कैंसर से पीड़ित थे सुभाष
ग्रामीणों का कहना है कि सुभाष काफी समय से पेट के कैंसर से पीड़ित थे। कुछ माह पहले कई दिनोंं तक उनका बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चला था। चचेरे भाई ने ही उनका इलाज कराया था।
सचिन का जिनके पास उठना-बैठना, उन्हें भी किया नामजद
चचेरे भाई मुनेश ने पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या केवल सचिन ने ही की है, जबकि मुनेश ने पांच लोगों को नामजद किया है। चार लोग वे हैं, जिनके पास सचिन का उठना-बैठना है। मुनेश के मुताबिक, इन्हीं लोगों की साजिश के तहत सुभाष की हत्या हुई है। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।


