Budaun News: किस जहर से गई मासूम की जान… अब तक नहीं हो सकी पहचान
बदायूं/बगरैन। दो वर्षीय मासूम आतिफ की मौत कौनसा जहर खाने से हुई थी, इसका पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है। जहर की प्रकृति और बंदर पैकेट कहां से उठाकर लाया था, इस बारे में सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं।
आतिफ के शव का परिवार वालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। शनिवार देर रात उसका शव दफना दिया गया। सीओ सुनील कुमार और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर मामले की छानबीन की। पुलिस का अनुमान है कि बंदर किसी खेत से पैकेट उठा लाया था, जबकि परिजनों के अलावा मोहल्ले वाले बंदर के पैकेट किसी घर से उठाकर लाने की बात कह रहे हैं।
बगरैन कस्बे में शनिवार दोपहर एक बंदर कहीं से जहर का पैकेट उठा लाया था। उसने पैकेट वहां छोड़ दिया, जहां आतिफ अपने चार वर्षीय भाई राहत और पड़ोस की पांच वर्षीय मन्नत के साथ खेल रहा था। बच्चों ने चूरन समझकर पैकेट खोलकर जहर खा लिया। इससे आतिफ की मौत हो गई, जबकि राहत और पड़ोस की मन्नत की हालत बिगड़ गई थी।
परिजनों ने शनिवार देर शाम तक पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। वह शव घर ले आए और उसे दफन करने की तैयारी करने लगे। इसी बीच रात करीब नौ बजे सीओ सुनील कुमार और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह बगरैन पहुंचे। उन्होंने पहले परिवार वालों से मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस का अनुमान है कि बंदर किसी खेत पैकेट उठा लाया था। हालांकि पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी है कि आखिर पैकेट में कौन सा जहर था।