किलकारी पर भारी बेपरवाही: बरेली के महिला अस्पताल में दो मृत बच्चे जन्मे, एक अन्य की प्रसव के बाद मौत

महिला जिला अस्पताल
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बरेली में गर्भधारण के बाद नियमित जांच, टीकाकरण और पौष्टिक आहार की अनदेखी गर्भस्थ शिशु की जान पर भारी पड़ रही है। शनिवार रात में चार प्रसव हुए। इनमें से दो गर्भवतियों ने मृत शिशु को जन्म दिया। एक शिशु ने जन्म के तुरंत बाद दम तोड़ दिया। अस्पताल परिसर में यह प्रकरण चर्चा में रहा। सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि गर्भवतियों की नियमित जांच व देखभाल होती तो यह स्थिति नहीं आती।
महिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात एंबुलेंस से गर्भवती भर्ती होने पहुंची थीं। तीनों की हालत गंभीर थीं। एक गर्भवती को तत्काल ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट करना पड़ा। डॉ. शशि के मुताबिक तीनों गर्भवती एनीमिक थीं। उनका हीमोग्लोबिन 5-7 के बीच था। एक गर्भवती का सिजेरियन और दो का सामान्य प्रसव कराया गया। सिजेरियन से जन्मा बच्चा कुछ देर तक जीवित रहा। फिर सांसें, रक्तचाप, हृदय गति धीरे-धीरे कम होने लगी। आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
फरीदपुर, करगैना, अलीगंज के रहे मामले
अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक शनिवार रात फरीदपुर की 21 वर्षीय गर्भवती रीना और अलीगंज के रफियाबाद की 21 वर्षीय गर्भवती सुनीता गंभीर हालत में प्रसव के लिए पहुंचीं। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों के गर्भ में शिशु की मौत हो चुकी थी। करगैना की गर्भवती पूनम ने बेटे को जन्म दिया। त्वचा कई जगह से फटी थी। एनीमिक होने से खून चढ़ाने की जरूरत पड़ी। थोड़ी देर बाद बच्चे की सांसें थम गईं। चौथा बच्चा 16 वर्षीय किशोरी ने जन्मा। डॉक्टर के मुताबिक वह रात 12:45 बजे प्रसव के लिए पहुंची थीं। सामान्य प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।


