Bareilly: हंगामे के बाद नगर निगम ने ली कूड़ा उठान की जिम्मेदारी, बोर्ड बैठक में लिए गए अहम फैसले

बोर्ड की बैठक में वार्ड का नक्शा दिखातीं नगर आयुक्त
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के 37 वार्डों के 55,000 से अधिक घरों व प्रतिष्ठानों से डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने की बिगड़ी सफाई व्यवस्था पर शुक्रवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में डेढ़ घंटे तक हंगामा हुआ। शोर-शराबा मचा। पार्षदों ने सवाल दर सवाल किए। भ्रष्टाचार के आरोप भी गूंजे। अपर नगर आयुक्त और नगर आयुक्त ने पार्षदों के सुझाव सुने और जवाब दिए पर पार्षद संतुष्ट नहीं हुए। तब महापौर डॉ. उमेश गौतम ने मोर्चा संभाला।
अधिकारियों की जवाबदेही तय की तब पार्षद कुछ देर के लिए शांत हुए। यह फैसला हुआ कि पार्षदों का सहयोग लेकर डोर-टू-डोर कूड़ा लेने की व्यवस्था नगर निगम अपने हाथ में लेगा। इसके साथ ही सड़कों को 10 नवंबर तक गड्ढामुक्त किया जाएगा।
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बोर्ड बैठक नगर निगम सभागार में शाम 4:30 बजे से हुई। इस दौरान शाम छह बजे तक कूड़ा निस्तारण और डोर टू डोर कूड़ा न उठने का मुद्दा छाया रहा। छह घंटे तक चली बैठक में पार्षदों से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए पहले से काम कर रहे निजी फर्म के सुपरवाइजरों को आउटसोर्स किया जाएगा। यूजर चार्ज की वसूली ई-पॉश के जरिए होगी, ताकि कोई घपलेबाजी न होने पाए।
इस प्रस्ताव पर नहीं बनी आम सहमति
स्वयं सहायता समूहों के जरिए यूजर चार्ज वसूल किए जाने का प्रस्ताव भी आया लेकिन आम सहमति नहीं बनी। नगर आयुक्त इसके पक्ष में थीं लेकिन कई पार्षदों ने प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पहले से काम कर रहे सुपरवाइजरों की वे गारंटी लेने के लिए तैयार हैं। इसके लिए सतर्कता दिखानी होगी कि नगर निगम के नियमित कर्मचारी सुपरवाइजरों से हर रोज यूजर चार्ज जमा कराएं। पहले जैसा हाल न हो।



