गुस्से में मायके गई पत्नी: आने की राह ताकते रह गया पति, सोने के लिए कमरे में गया तो जिंदा नहीं निकला बाहर

यूपी पुलिस
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रामपुर के बिजारखाता गांव में पत्नी के मायके से न आने से नाराज होकर रमेश (30) ने आत्महत्या कर ली। उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। रमेश की गलत आदत से परेशान होकर पत्नी 20 दिन पहले मायके चली गई थी। उसके एक साल का बेटा भी है। मसवासी पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव बिजारखाता निवासी रमेश पुत्र लक्ष्मी नारायण ट्रक पर हेल्पर था।
ढाई वर्ष पहले उसका विवाह केमरी थाना क्षेत्र के गांव जनूनागर निवासी रूपवती से हुआ था। शादी के बाद एक साल पहले दंपती को एक बेटा भी हुआ। रमेश की नशे की आदत से पत्नी नाराज रहती थी। वह इसके लिए मना करती थी, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ।
इसके चलते नाराज होर रूपवती 20 दिन पहले अपने एक वर्षीय बेटे को साथ लेकर मायके चली गई। पत्नी के मायके जाने से रमेश दुखी थी। उसने पत्नी को मनाकर लाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं आई। शाम को खाना खाने के बाद वह घर की दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चल गया और रात में किसी समय आत्महत्या कर ली।
सुबह लगभग दस बजे उसका भतीजा मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने के लिए ऊपर छत पर गया तब कमरे में चाचा को पंखे के कुंडे में लटका देखा चीखने लगा। चीख सुनकर रमेश की मां और बड़ा भाई मनोज कुमार छत पर पहुंचे तो बदहवाश हो गए। कमरा खुला हुआ था।
शव साड़ी के फंदे से लटका था। सूचना मिलने पर सीओ अनुज शर्मा, कोतवाल कोमल सिंह और मसवासी चौकी इंचार्ज अजय शर्मा आ गए। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि मृतक के बड़े भाई ने बताया है कि उसका भाई शराब और जुआ का आदी था।
उसने बुधवार को अपना मोबाइल भी गिरवीं रख दिया था। पत्नी के मायके से न आने के चलते वह आहत था। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोरेसिंक टीम ने किया मुआयना
युवक का फंदे पर लटका शव मिलने की सूचना पर फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। उसने घटना स्थल का गहनता के साथ परीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने भी लिए।