आरोग्य मेला : डॉक्टर नहीं, मरीजों ने भी बनाई दूरी

जैतीपुर में सीएचसी पर दवा देते फार्मासिस्ट। संवाद
शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के जरिये लोगों को अवकाश के दिन स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सुविधा पटरी से उतरने लगी है। मेले में डॉक्टरों के बजाय फार्मासिस्ट के सहारे खानापूर्ति की जा रही है। इसके चलते मरीज मेलों से दूरी बनाने लगे हैं।
शासन से प्रत्येक पीएचसी पर मेला लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। रविवार को नवीन पीएचसी परौर पर मेडिकल अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने मरीजों को देखा गया। इस दौरान 14 मरीज पहुंचे, जिन्हें दवा दी गई। मरीजों को देखने के बाद वह पल्स पोलियो अभियान की व्यवस्था देखने के लिए रवाना हुए। इसी तरह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालनगर में दोपहर डेढ़ बजे फार्मासिस्ट शाहिद अली व स्टाफ नर्स शालिनी जौहरी उपस्थित मिलीं। यहां पर सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के 17 मरीज आए थे। उन्हें फार्मासिस्ट ने देखने के बाद दवा देकर वापस किया। फार्मासिस्ट शाहिद ने बताया कि उनकी ड्यूटी आमतौर पर टीबी अस्पताल में है, लेकिन मेले के चलते हर रविवार को यहां भेजा जाता है। स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होने के चलते पीएचसी पर ओपीडी बंद चल रही है। हालांकि, टीकाकरण व अन्य सरकारी सुविधाओं को दिया जाता है।
फार्मासिस्ट ने 40 मरीजों को दवा दी
जैतीपुर। पीएचसी खेड़ारठ में डॉक्टर की तैनाती नहीं होने के चलते फार्मासिस्ट मोहम्मद और पुरुष स्टाफ नर्स ने आरोग्य मेले में 40 मरीजों को दवा दी। इसमें अधिकांश पेट के दर्द, बुखार, त्वचा संबंधित रोगी थे। पूर्व में यहां पर अधिक मरीज आते थे। अस्पताल परिसर में गंदगी की भरमार है। सफाई कर्मचारी की नियुक्ति भी नहीं है। अस्पताल की चहारदीवारी टूटी होने के चलते लावारिस जानवर घूम आते हैं।
– डॉक्टरों की काफी कमी है। सीमित संसाधनों में ही पल्स पोलियो अभियान के साथ स्वास्थ्य मेलों का आयोजन कराया जा रहा। प्रयास करेंगे कि व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ

जैतीपुर में सीएचसी पर दवा देते फार्मासिस्ट। संवाद