मानकों के दाम पर लगेगी, साल भर तक नहीं बढ़ने का भाव, मोदी सरकार ने ये मौज़ूद दिया
देश भर के किसानों को चालू खरीफ सीजन में किफायती दाम पर यूरिया और डीएपी जैसे वारंट मिलते रहेंगे। मोदी सरकार ने बुधवार को इससे जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा आईटी के लिए लिस्टिंग योजना से जुड़े एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
उर्वरों के दाम पर लेगीटम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया। स्थिति एवं रासायनिक मंत्री मनसुख मांडविया ने कैबिनेट की बैठक में लिए इस दस्तावेज की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ सत्र 2023-24 के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी। सरकार के इस कदम से आपस में संबंध स्थापित करने लगेंगे।
इन योजनाओं पर सरकारी सब्सिडी
मांडविया ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में खरीफ के लिए यूरिया के लिए 70 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी को सौंद मिला है। इसके अलावा डीएपी एवं अन्य प्रमाणपत्रों के लिए 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी की स्वीकृति दी गई है। इस तरह अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के खरीफ सत्र में सब्सिडी पर कुल 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
साल भर नहीं बदलने से सिफारिशें के भाव
मांडविया ने बताया कि अब मार्च 2024 तक सर्कसों के अधिकतम संबद्ध दृश्यों (रेडकोपी) में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि अभी यूरिया की कीमत 276 रुपये प्रति बोरी है, जबकि डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी पर बिक रही है। सीमेंटेशन सब्सिडी से करीब 12 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचने का अनुमान है।
सोलोम के लिए दूसरी वरीयता प्राप्त
इसके अलावा कैबिनेट ने इसकी छत के लिए कुल 17 हजार करोड़ रुपये का उत्पादन किया लिंक्ड इंसेंटिव वाई प्लिस्ट के दूसरे चरण को भी मौज़ूद किया गया। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि इस योजना को पाने के लिए दूसरे चरण की अवधि छह साल है। नीति सूची योजना के दूसरे चरण में लैपटॉप, टैबलेट, ऑल इन वन पीसी सरवर जैसे डिवाइस डिवाइस कवर होंगे।
इतने लोगों को मिल सकता है रोजगार
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि इस प्रोत्साहन योजना से 3.35 लाख करोड़ रुपये का उत्पाद हो सकता है और 2,430 करोड़ रुपये का निवेश मिलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसकी सूची के लिए योजना के इस दूसरे चरण से 75 हजार लोगों को रोजगार के सीधे लक्ष्य मिल सकते हैं। सरकार ने इससे पहले फरवरी 2021 में आईटी छत के लिए पहली सूची योजना को मंजूरी दी थी, जो 7,350 करोड़ रुपये की थी।
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