Azam Khan: कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी.. सहानुभूति के हकदार नहीं आजम खां, गलत काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती
आजम खां, अब्दुल्ला आजम खां और तजीन फात्मा
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बेटे के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में आजम खां, अब्दुल्ला और उनकी पत्नी तजीन फात्मा को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है। इसके बाद तीनों अलग-अलग जेल में बंद हैं। सजा के खिलाफ आजम खां ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।
कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सपा नेता आजम खां नौ बार के विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं। अब्दुल्ला आजम भी विधायक और डाॅ. तजीन फात्मा प्रोफेसर और राज्यसभा की सदस्य रही हैं। ऐसे लोगों से गलत काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा।
बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने गंज थाने में 2019 में दर्ज कराया था। इस मामले में सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा व अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट ने 18 अक्तूबर को तीनों को सात-सात साल की कैद सजा सुनाई थी।
साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया था कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सपा नेता आजम खां ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, जिस पर शनिवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जज डॉ. विजय कुमार ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए तीनों की अपील खारिज कर दी।