Bareilly News: 1700 विधवाओं को सरकारी मदद का इंतजार
बरेली। राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत 75 दिन में आर्थिक मदद मिलने के नियम है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। जिले की 1700 महिलाओं को पति की मौत के बाद सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने विभागीय निदेशालय से 5.10 करोड़ रुपये की मांग भेज रखी है।
यदि 18 से 60 वर्ष की उम्र के बीच के किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत 30,000 रुपये की आर्थिक मदद उसकी पत्नी या परिजन को मिलने का प्रावधान है। वर्ष 2006 में योजना शुरू हुई तब 45 दिन में मदद देने का नियम था। बजट उपलब्ध न होने पर कोषागार के टीआर 27 मद से धनराशि निकाल कर तत्काल मदद का प्रावधान था, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया।
बदली व्यवस्था के तहत आवेदन के 75 दिन में आर्थिक मदद देने का प्रावधान है, लेकिन तमाम महिलाओं को 100-200 दिन बाद भी सहायता नहीं मिल सकी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि 1700 मामलों में आर्थिक मदद देने के लिए 5.10 करोड़ रुपये विभागीय निदेशालय से मांगे गए हैं। फिलहाल विभाग की वेबसाइट बंद है। साइट खुलने पर ही कोई काम हो सकेगा।
केस-एक
जून 2021 में वंशीनगला निवासी शशि ने पति धर्मपाल की मौत के बाद 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया था। अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उनके बाद आवेदन करने वाले कई लाभार्थी भुगतान पा गए। प्रथम-आवत प्रथम पावत के सिद्धांत को धता बताकर भुगतान करने के आरोप सामने आ रहे हैं।
केस-दो
सुभाष नगर निवासी चंदा देवी कोली के पति ओमकार सिंह की 15 जुलाई, 2021 को मृत्यु हुई थी। पहली सितंबर, 2021 को उन्होंने आर्थिक मदद के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। अभी तक उनके खाते में धनराशि नहीं आई। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि कब तक मदद मिल पाएगी।
केस-तीन
संजय नगर निवासी गुड्डी देवी के पति मुरारीलाल का निधन 13 फरवरी, 2022 को हुआ था। उन्होंने 15 मार्च को आवेदन किया था। लेकिन अभी तक आर्थिक मदद खाते में नहीं आई। बताया कि एक-एक रुपये के लिए परेशान हैं। परिवार चलाने के लिए दूसरों के घरों में काम कर रही हूं।
पीड़िताओं की बात…
मैं एक बार समाज कल्याण के दफ्तर आती हूं तो 50 रुपये आने-जाने में खर्च हो जाते हैं। दस बार आकर लौट चुकी हैं। अभी तक यह नहीं बताया गया है कि मदद कब तक मिलेगी। -चंदा देवी, सुभाषनगर
मुझे अपने घर से समाज कल्याण के दफ्तर तक आने-जाने में 80 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पांच बार आ चुकी हूं, लेकिन मुझे भुगतान नहीं मिला। हर बार इंतजार की सलाह दी जाती है। -गुड्डी, संजय नगर



