Bareilly News: दो हजार के नोट घरों में खटके तो जमीन के अटके सौदे फटाफट झटके
बरेली। दो हजार की गड्डियों को बैंकों में जमा करने से बचने के लिए धनकुबेरों ने जमीन की सौदेबाजी में कालाधन बढ़ा दिया है। अभी तक पांच-दस लाख रुपये की वजह से जमीन के जो सौदे लंबे समय से अटके पड़े थे, उन्हें फटाफट झटक लेने में ही समझदारी समझी है। ये सौदे उनके लिए मुनाफे के हों या न हों, मगर कालेधन को खपाने का अच्छा जरिया बनाया है।
यही वजह है कि अप्रैल की अपेक्षा मई में 1342 रजिस्ट्रियां ज्यादा हुई हैं। इसमें मकान, दुकान, प्लाॅट और खेतों के बैनामा शामिल हैं। किसी दो महीने के बीच रजिस्ट्रियों की संख्या में इतना अंतर बीते चार वर्षों में कभी नहीं रहा है। नोटबदली की सूचना के बाद मई में प्रॉपर्टी का धंधा खूब फला-फूला है।
प्राॅपर्टी के धंधे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जमीन के सर्किल रेट के अलावा कालेधन के रूप में ली जानी वाली रकम क्रेता यदि दो हजार के नोटों में दे रहा है तो यह अब डेढ़ से दोगुना ली जा रही है। इसके पीछे वजह साफ स्पष्ट की गई है कि इतनी रकम बैंक में जमा करना आसान नहीं है। इस पेचीदगी की कीमत कालाधन की रकम बढ़ाकर वसूली जा रही है। इधर, जिनके पास बेहिसाब कालाधन है वे अब दो हजार की गड्डियां लेने के बदले बिना मोलभाव के भी सौदा कर रहे हैं।
राजस्व विभाग की भी बढ़ी कमाई
रजिस्ट्री विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल में 4583 रजिस्ट्री हुईं। मई में यह संख्या 5925 दर्ज की गई। रजिस्ट्री विभाग को अप्रैल में 39.37 करोड़ रुपये की आय हुई थी। मई में यह रकम 47.35 रुपये पहुंच गई।
मंदी के कारोबार में आई तेजी कोरोना महामारी की वजह से प्रॉपर्टी का कारोबार मंदी की मार से जूझ रहा था। डेढ़-दो साल से इसमें उठान आना शुरू हुआ था। इधर, दो हजार के नोट प्रचलन से बाहर किए जाने की घोषणा ने इसमें और तेजी ला दी। इसके बाद से ही रजिस्ट्री की संख्या भी बढ़ने लगी। प्रॉपर्टी की सौदेबाजी में इसने किसने कहां, कितने का सौदा किया और कितना दिखाया, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं होता। इसमें सर्किल रेट के अलावा कालेधन का रेट भी चलता है। दो हजार की गड्डियों में सौदा करने पर इसी रेट में बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, बरेली तहसील में दो और पांच अन्य तहसीलों के प्रत्येक उपनिबंधक कार्यालय में अप्रैल के सापेक्ष मई में रजिस्ट्री बढ़ी है।
तहसील अप्रैल में रजिस्ट्री मई में रजिस्ट्री
बरेली प्रथम 1123 1388
बरेली द्वितीय 1068 1289
बहेड़ी 683,
आंवला 434 646
फरीदपुर 651 835
नवाबगंज 564 724
मीरगंज 350 420
(जून में भी रजिस्ट्री के लिए सभी उप निबंधक कार्यालयों में कतार लग रही है।)
अप्रैल- मई का श्रेणीवार बैनामा
बैनामा अप्रैल मई
कृषि 1754 2356
आवासीय 2340 2956
औद्योगिक 53 51
भवन 420 506
प्राधिकरण 14 47
वर्जन
अप्रैल की तुलना में मई में अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। आवास, प्लॉट, भवन और प्राधिकरण की श्रेणी में रजिस्ट्रियां बढ़ी हैं। इससे राजस्व भी बढ़ा है। – तेज सिंह यादव, एआईजी, स्टांप



