Bareilly News: सीडब्ल्यूसी के हाथ में आरुष का भविष्य
बरेली। आरुष के नखरे बहुत हैं। उसकी काफी फरमाइशें रहती हैं। बच्चा माता-पिता को याद करता है। हालांकि संस्थान में वह स्वस्थ है। अच्छी तरह से खा-पी रहा है। यह कहना है बॉर्न बेबी फोल्ड की सुपरिटेंडेंट प्रिमरोज का। उन्होंने बताया कि फिलहाल, आरुष संस्थान में ही रह रहा है। आगे बाल कल्याण समिति (सीडब्लयूसी) के निर्देशों के मुताबिक ही बच्चे का भविष्य तय होगा।
23 जून को सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पास से एएचटीयू ने अनु व इकबाल को गिरफ्तार कर आरुष को ढूंढ़ निकाला था। सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर 28 जून से वह बॉर्न बेबी फोल्ड में रह रहा है। वह परिजनों को याद करता है, वहीं उसे पालने वाली मां अनु और इकबाल का भी बुरा हाल हैै। जेल में दिनभर दोनों बच्चे को ही याद करते रहते हैं। इकबाल, अनु को दिलासा देता है कि आरुष को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
अपराध को बढ़ावा देना उचित नहीं: सीडब्लयूसी
मामले में सीडब्लयूसी अनु को दोषी ठहरा रही है। अध्यक्ष दिनेश चंद्रा का कहना है कि बच्चे को संस्थान से चुराना अपराध है। इस तरह के मामलों को बढ़ावा देने से अन्य संस्थान में रह रहे अन्य बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। आरुष के बॉर्न बेबी फोल्ड में लौटने के बाद से वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।



