Bareilly News: दल दरकिनार, 56 फीसदी सीटों पर जीते निर्दलीय उम्मीदवार
बरेली। नगर निकाय चुनाव में अबकी बार बड़ी तादाद में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। आंकड़ों के मुताबिक करीब 56 फीसदी सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजेता रहे। समाजशास्त्री का मानना है कि मतदाता पार्टियों के एजेंडे को जान चुके हैं जो जीतने के बाद स्थानीय जरूरतों पर ध्यान नहीं देते।
शनिवार को मतगणना के बाद नगर पंचायत वार्ड सदस्य के 192 पदों पर 134 निर्दलीय उम्मीदवार विजेता घोषित हुए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष के 15 पदों पर पांच निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। नगर पालिका सदस्य की सौ सीटों पर 71 निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली है। नगर निगम के 80 वार्ड में भी 11 निर्दलीय उम्मीदवार विजेता बने हैं। मेयर की एक सीट पर भाजपा और नगर पालिका अध्यक्ष की चार में से दो सीटों पर भाजपा, दो पर सपा के उम्मीदवारों का कब्जा रहा। नतीजा, 392 सीटों पर हुए चुनाव में 210 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। साल 2017 में हुए चुनाव में 242 निर्दलीय उम्मीदवार विजेता घोषित हुए थे।
निर्दलीय चुनने के लिए तीन पहलू जिम्मेदार
बरेली कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत कौर आहूजा के मुताबिक पहले लोग पार्टी के एजेंडे को नहीं समझते थे। पहली वजह, सोशल मीडिया के युग में प्रत्येक व्यक्ति के पास पार्टी, उनकी गतिविधि, एजेंडा आदि जानकारियां हैं। जहां हित होता है वहीं, पार्टियां कार्य करती हैं। उन्हें आमजन की समस्या से सरोकार नहीं होता। दूसरा पहलू, चुनाव के दौरान एजेंडा जारी होता है पर उसमें से कुछ पर कार्य नहीं होता। तीसरा पहलू यह है कि जब हर ओर से निराश होते हैं तो मतदाता निर्दलीय को चुनते हैं। उनकी साख और उनके जनहित से जुड़े मुद्दे, स्थानीय कार्य को तवज्जो देने वाले प्रत्याशी पर भरोसा जताते हैं।



