Bareilly News: गिरते पड़ते गुजरते हैं बच्चे और बुजुर्ग
बरेली। जागृति नगर में जलभराव की समस्या स्थानीय नागरिक सांसद और विधायक के समक्ष भी कई बार उठा चुके हैं। मगर जनप्रतिनिधियों ने हर बार लोगों की परेशानी को नजरअंदाज किया। वर्षों से समस्या जस की तस है। यहां आने-जाने में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी है। कई बार लोग यहां गिरकर चुटहिल हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नेता जी वोट मांगने आएंगे तो यहां कराए विकास कार्यों का हिसाब मांगेंगे।
सावित्री स्कूल वाले मार्ग पर बारिश थमने के बाद भी कई दिनों तक पानी भरा रहता है। अभी तक रास्ते का पानी सूखा नहीं है। स्कूल की छुट्टी के बाद रोजाना 500 से अधिक विद्यार्थी और उनके अभिभावक इसी रास्ते से गुजरते हैं। वाहन तो किसी तरह से निकल जाते हैं, लेकिन पैदल चलना मुश्किल भरा होता है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में पानी घरों में घुस जाता है। जलनिकासी का सिस्टम ध्वस्त होने की वजह से समस्या है। स्थानीय नागरिक काॅलोनी को नगर निगम में शामिल कराना चाहते हैं, ताकि यहां का समुचित विकास हो सके।
लोगों की पीड़ा
18 वर्ष से जलनिकासी का इंतजाम नहीं है। जो सड़क बनती है जल निकासी न होने से वह भी टूट जाती है। इस समय सड़क पर पानी भरा है। आना जाना मुश्किल है। ममता शर्मा, जनरल स्टोर की संचालक
जलभराव से बचाव के लिए 2700 रुपये खर्च करके खुद मलबा डलवाया है। मुश्किल तब होती है जब आम रास्ते पर एक से दो फुट पानी होता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते।- उमेश चंद्र शर्मा, सेवानिवृत शिक्षक
यहां पैदल चलना मुश्किल है। ज्यादा पानी भरा होने पर रिक्शा या किसी वाहन का सहारा लेना पड़ता है। अंदर की गलियों में वाहन भी नहीं मिलते। इस वजह से परेशानी ज्यादा है। बच्चों को अकेले भेजना कठिन है। -शिवानी, शिक्षक, एसएमपी पब्लिक स्कूल
विधायक, सांसद या अधिकारी लोगों की तकलीफ को महसूस कर रहे होते तो यह हाल नहीं होता। ग्राम पंचायत तो सिर्फ नाम की है। बिजली शहर की तरह मिल रही है। अन्य सुविधाएं भी शहरी नागरिकों की तरह हैं। सड़कों और नालियों के न बनने से दिक्कत है। -मनोज यादव, नागरिक



