Bareilly News: मंजूरी के बाद भी सड़कों का निर्माण नहीं, तय होगी जवाबदेही
बरेली। 80.67 करोड़ का बजट उपलब्ध होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अभियंता 68 सड़कों पर काम नहीं शुरू करा सके। मामला टेंडर से आगे नहीं बढ़ सका। इनकी लापरवाही की वजह से रोज पांच लाख से अधिक लोग इन सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खा रहे हैं। वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने मुख्य अभियंता से इस लेटलतीफी पर संबंधित अभियंताओं की जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट तलब की है। खुद लोक निर्माण मंत्री इसकी समीक्षा कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की 38 और निर्माण खंड की 30 ऐसी सड़कें सामने आईं हैं, जिनके काम प्रक्रिया में फंस गए।
अभियंताओं का कहना है कि अधिकतर सड़कों के निर्माण की मंजूरी 4 से 16 मार्च के बीच मिली। टेंडर करने और सड़कों पर काम शुरू कराने में एक से डेढ़ महीने का वक्त लगता है। इससे पहले वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया। इसके चलते सिर्फ टेंडर तक सीमित रह गए। काम शुरू नहीं हो सके। भोजीपुरा-अग्रास मार्ग जांच में फंस गया, क्योंकि इसके टेंडर में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाया गया था। इस प्रकरण को अब मुख्यालय के लिए संदर्भित किया गया है।
दस प्रमुख सड़कें जिन पर तय होगी जवाबदेही
भोजीपुरा-अग्रास मार्ग, बरेली-बागेश्वर मार्ग से अभयपुर संपर्क मार्ग, ग्राम खाता में लघु सेतु पहुंच मार्ग, फतेहगंज-दातागंज मार्ग, भमौरा-शाहबाद-बिलारी मार्ग, सिरौली आरिल नदी रपटा मार्ग, मिर्जापुर-आनंदपुर मार्ग, बल्लाकोठा-ठिरिया ठकुरान मार्ग, शहर में सर्किट हाउस मार्ग, भोजीपुरा-पचदेवरिया मार्ग।
कोट
मार्च में स्वीकृति मिली। टेंडर किए। अप्रैल में आचार संहिता लग गई। इसलिए काम शुरू नहीं हो सके। – नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
भोजीपुरा-अग्रास मार्ग का निमार्ण अटका
बरेली। भोजीपुरा-अग्रास मार्ग का टेंडर जिस फर्म के नाम निकला, उसका अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद 29 मार्च से काम अटका है। अब पूरा टेंडर निरस्त हो या फिर द्वितीय स्थान पर रही फर्म के नाम पर काम आवंटित किया जाए, अभियंता इस पर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। अधिशासी अभियंता नारायण सिंह का कहना है कि इस पर मंथन चल रहा है। विधिक राय भी ली गई है। ब्यूरो



