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Bareilly News: आरओबी का निर्माण अटका, सेतु निगम के खाते में 8.37 करोड़ रुपये डंप

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बरेली। फरीदपुर-बुखारा मार्ग पर स्थित पितांबरपुर रेलवे क्रॉसिंग पर टूलेन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए बजट उपलब्ध होने के 163 दिन बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। रेलवे की अनापत्ति और अंशधन न मिलने की वजह से काम अटका है।

लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने एक अप्रैल को इसका शिलान्यास किया था। 11 माह में काम पूरा करना था, लेकिन शुरुआती पांच माह में काम शुरू ही नहीं हो सका। सेतु निगम मुख्यालय के खाते में 8.37 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं। रेलवे ने वर्क्स प्रोग्राम में भी इसे शामिल नहीं किया है। सेतु निगम ने पुल के ब्योरे को रेलवे की साइट पर अपलोड कर दिया है। जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर दी हैं। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक से संपर्क बनाए हुए हैं।

एमएलसी ने वित्त मंत्री के सामने उठाया मुद्दा

एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने रविवार को जनता की तकलीफों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के सामने यह मुद्दा उठाया। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया।

रेलवे की साइट पर अपलोड है डीपीआरमुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने पांच जुलाई को ऑनलाइन बैठक में रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं पर चर्चा की थी। तब मुरादाबाद मंडल के डीआरएम ने बताया था कि आरओबी की डीपीआर ऑनलाइन अपलोड की गई है। रेलवे के मुख्यालय से जब इसे रेल वर्क्स प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा, तभी अनापत्ति (एनओसी) जारी हो सकेगी।

कोट

सेतु निगम ने प्रस्तावित आरओबी की डिजाइनिंग करते हुए मंडल रेल प्रबंधक को प्रस्ताव भेज दिया है जो रेलवे की साइट पर अपलोड है। अभियंत्रण विभाग उसका परीक्षण कर रहा है। आपत्तियां दूरी की जा चुकी हैं। जब तक रेलवे की एनओसी नहीं मिल जाती, तब तक काम शुरू नहीं हो सकता। – अरुण कुमार गुप्ता, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम

बिलपुर क्रॉसिंग पर 2025 तक बन जाएगा आरओबी

फतेहगंज पूर्वी से दातागंज मार्ग पर स्थित बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 81 करोड़ रुपये की लागत से रेल ओवरब्रिज बनेगा। दो माह में इसकी शुरुआत होने के आसार हैं। इसका बजट स्वीकृत हो चुका है। टेंडर हो गए हैं। यदि दिसंबर तक काम शुरू हो जाता है तो 2025 तक पुल बन जाएगा। लोगों को जाम से राहत मिलेगी। सेतु निगम इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मोड पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मोड पर पुल की डिजाइन से लेकर निर्माण तक की जिम्मेदारी ठेका लेने वाली फर्म की होती है। फर्म का चयन दो महीने के भीतर हो जाएगा। निर्माण के लिए फर्म को दो वर्ष का समय दिया जाएगा।


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