Bareilly News: डेंगू-मलेरिया बेकाबू, जिला सर्विलांस अधिकारी से चार्ज हटाया
बरेली। डेंगू के जानलेवा होने बावजूद मुस्तैदी में लापरवाही बरतने वालों पर अब गाज गिरने लगी है। सोमवार को सीएमओ ने अनदेखी की शिकायतें मिलने पर जिला सर्विलांस अधिकारी का कार्यभार एसीएमओ डॉ. भानु प्रकाश से हटा लिया और डॉ. प्रशांत रंजन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
बताया जाता है कि एसीएमओ डॉ. भानु प्रकाश मच्छरों की रोकथाम, जांच, सोर्स रिडक्शन समेत अन्य जरूरी कवायदों के अनुपालन में लेटलतीफी कर रहे थे। इधर, विभागीय शिकायतें बढ़ती जा रही थीं। दूसरी ओर, प्रभावी रोकथाम की गति भी सुस्त थी।
तत्कालीन डीएम ने भी पिछले दिनों बैठक में एसीएमओ को सही जानकारी न देने पर कार्रवाई के लिए चेताया था। बावजूद इसके सुधार न होने पर सीएमओ डॉ. विश्राम ने डॉ. भानु से चार्ज छीन लिया। यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही।
इधर, जिला अस्पताल, निजी लैब, मेडिकल कॉलेजों में हुई एलाइजा जांच में डेंगू के दो और मलेरिया के दस नए मरीज मिले हैं। जिले में अब तक डेंगू के 260 और मलेरिया के 3254 मरीज मिल चुके हैं। डेंगू मरीजों की तादाद के सापेक्ष अब तक 210 स्थान पर सोर्स रिडक्शन हुआ है।
निगरानी बेअसर… हॉटस्पॉट बन रहे शहर के वार्ड
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले साल सीबीगंज और सुभाषनगर डेंगू क्लस्टर (हॉटस्पॉट) बने थे। इस बार सीबीगंज में एक डेंगू मरीज मिला है, मगर सुभाषनगर में इस वर्ष भी अब तक डेंगू के 14 मरीज मिल चुके हैं। एक डेंगू संदिग्ध बुजुर्ग की मौत भी हुई है। लिहाजा, फिर डेंगू क्लस्टर बनने की आशंका जताई है। अब तक बानखाना में 22, इज्जतनगर में 19, सिविल लाइंस और गंगापुर में 16-16 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
विभागीय दावे कागजी, बचाव के उपाय नाकाफी
शहर के 17 वार्डों में अब तक डेंगू मच्छरों का हमला हो चुका है। मरीजों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से बचाव के हो रहे दावे कागजों तक सीमित हैं। धरातल पर साफ-सफाई का अभाव है। इससे मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है। इधर, अफसर मच्छरों से बचाव के लिए लोगों से भी इंतजाम की अपील कर रहे हैं।



