Bareilly News: अशोका फोम में एक ही एनओसी पर चलाए जा रहे थे चार ब्लॉक
बरेली। अशोका फोम फैक्टरी अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। डिप्टी डायरेक्टर फायर सर्विस की जांच में सामने आया है कि जिस प्लांट में हादसा हुआ, वह चार ब्लॉक में बंटा था, लेकिन एनओसी सिर्फ एक ब्लॉक की ली गई थी। इससे एनओसी जारी करने वाले अधिकारी भी कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं।
दस मई को शाहजहांपुर हाईवे स्थित फरीदपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में धमाके के बाद आग लग गई थी। अग्निकांड में वहां काम कर रहे चार कर्मचारियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनकी शिनाख्त राकेश, अरविंद मिश्रा, अनूप कुमार और अखिलेश शुक्ला के रूप में हुई। मामले में कई स्तर पर जांच चल रही है। जिले के प्रभारी उप निदेशक अग्निशमन अनिल कुमार सिंह ने स्थलीय जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीजी अग्निशमन अविनाश चंद्र को भेज दी है। दोषियों पर कार्रवाई का निर्णय डीजी के स्तर से ही लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट में एनओसी देने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवालों के घेरे में हैं।
0000
एक प्लांट में ऊपर-नीचे बना रखे थे चार ब्लॉक
– उपनिदेशक की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि अशोका पीयू फोम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का भवन दो मंजिल बना है और दोनों मंजिल पर दो-दो ब्लॉक हैं। कंपनी प्रबंधन सिर्फ एक ब्लॉक की एनओसी लेकर चारों ब्लॉक में काम करा रहा था। चारों ब्लॉक में ऑटोमेटिक अलार्म और आग बुझाने की भी व्यवस्था नहीं थी। वहां सिलिंडर रखे हुए थे। शायद सिलिंडर फटने से आग भड़क गई और फिर लोहे की चादर नीचे गिर पड़ी। ऐसे में एक ब्लॉक की एनओसी देकर चार ब्लॉक को संचालित कराने के मामले में अग्निशमन विभाग के स्थानीय अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं और उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
वर्जन
अशोका फोम फैक्टरी की दो मंजिलों में चार ब्लॉक बने थे। हमने फैक्टरी प्रबंधन से रिकॉर्ड मांगा तो एक ब्लॉक की एनओसी ही दिखाई गई। इस तथ्य के आधार पर जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। – अनिल कुमार सिंह, प्रभारी उप निदेशक अग्निशमन



