Bareilly News: कॉलेजों में शुरू किया जाए गर्भ संस्कार पाठ्यक्रम; राज्यपाल ने दिया महिला सशक्तिकरण पर जोर

विश्वविद्यालय परिसर में लगे स्टॉल का अवलोकन करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कई नए पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शोध के अनुसार आठ साल तक की उम्र में बच्चों का मानसिक विकास 80 फीसदी तक हो जाता है। इस दौरान बच्चों को संस्कृति और संस्कार पढ़ाना चाहिए ताकि बच्चे बड़े होकर सभी नागरिक बन सकें।
राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत बेटियों से करनी चाहिए। गर्भ संस्कार के बारे में भी छात्रों को अवगत कराने को कहा। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय को डॉक्टरों और वैदिक आचार्यों के साथ मिलकर मंथन करने का सुझाव दिया। महिलाओं के मेनोपॉज से छात्राओं को रूबरू कराने के लिए पाठ्यक्रम बनाने के सुझाव दिए। कहा कि अगर छात्रा मेनोपॉज के बारे में समझेगी तो वह खुद की, मां-सास, बहन और परिवार की अन्य महिला सदस्यों की मदद करने में सक्षम होगी।
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कक्षा पांच पास करने वाले बच्चों को बचपन से ही कौशल विकास का प्रशिक्षण देना चाहिए। छोटे-छोटे गुर सिखाने चाहिए ताकि बड़े होकर वह किसी भी कार्य में दक्षता हासिल कर रोजगार के विकल्प बना सकें। उन्होंने लड़कों के शैक्षिक स्तर में उच्च प्रदर्शन की क्षमता में गिरावट पर चिंता जताई।

विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल



