Bareilly News: उच्च रक्तचाप के मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा
बरेली। ब्रेन स्ट्रोक की चपेट में आने से लकवाग्रस्त होने समेत जान का भी जोखिम होता है। डॉक्टरों के मुताबिक उच्च रक्तचाप की चपेट में आने वालों को इसका खतरा ज्यादा होता है। अव्यवस्थित दिनचर्या व मानसिक तनाव से दूरी और पौष्टिक आहार अपनाकर इससे बच सकते हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक अब युवा भी उच्च रक्तचाप के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इनके भी ब्रेन स्ट्रोक की चपेट में आने की आशंका है। मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम होने से लकवा और कुछ परिस्थितियों में मौत होने की भी आशंका रहती है। करीब 40 फीसदी से ज्यादा ब्रेन स्ट्रोक के केस की वजह उच्च रक्तचाप ही होता है। क्योंकिए इस स्थिति में दिमाग के भीतर रक्त के थक्के बन जाते हैंए जो छोटी-छोटी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर रक्तस्राव करते हैं।
डॉ. गुप्ता के मुताबिक अचानक तेज सिरदर्द, चेहरे का सुन्न होना, धुंधला दिखाई देना और चक्कर आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। डायबिटीज भी इसकी प्रमुख वजह है। ब्रेन स्ट्रोक होने पर तीन घंटे के भीतर इलाज मिल जाए तो इससे काफी हद तक बचाव संभव है।
महिलाओं में ब्रेन स्ट्रोक के मामले ज्यादा
डॉक्टर के मुताबिक महिलाओं में स्ट्रोक का जोखिम ज्यादा होता है। इसमें एक्लेम्पसिया और प्री एक्लेम्पसिया यानी पहले या फिर देरी से पीरियड शुरू होना प्रमुख वजह है। साथ ही, सामाजिक कारकों से बढ़ता मानसिक तनाव भी वजह है। प्रेग्नेंसी में भी ब्लड प्रेशर की नियमित जांच जरूरी है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक ज्यादातर महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। इसलिए नियमित जांच कराते रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।



