Bareilly News: पुलिस से अपराधियों का गठजोड़ करा रहा किरकिरी
बरेली। बंदियों को दूसरे जिलों में लेकर जाने के मामलों में पुलिसकर्मियों के लापरवाह रवैये से जिले में खाकी की किरकिरी हो रही है। पुलिस और बंदियों की दोस्ती में हर बार पुलिस को ही नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बाद भी पुलिसकर्मी सबक लेने को राजी नहीं है। पुलिस वाले अक्सर बंदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देते हैं। इस कारण बंदियों को फरार होने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का मौका मिल जाता है। ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें अपराधियों ने पुलिस की दोस्ती का फायदा उठाकर मंसूबों को अंजाम दिया।
केस – 1
बीयर पीकर उड़ाया धुआं, तीन निलंबित
जिला जेल में बंद रामा उर्फ समीर की छह सितंबर को प्रतापगढ़ के न्यायालय में पेशी थी। समीर को प्रतापगढ़ ले जाने के लिए एक दीवान और दो सिपाहियों को लगाया गया था। सात सितंबर को समीर को वापस जेल में दाखिल कर दिया गया। इसके बाद समीर के साथ एक होटल में दावत उड़ाते तीन पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल हुआ। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच कराई। पता लगा कि वीडियो में दो बीयर की बोतल रखी होने व सिगरेट के छल्ले उड़ाने की स्थिति है। तब दीवान और सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया।
केस 2
मेरठ से बंदी की फरारी में भी तीन हुए थे सस्पेंड
सप्ताहभर पहले आंवला निवासी बंदी काले को जिला जेल से मेरठ ले जाया गया था। वहां काले मेडिकल कॉलेज से फरार हो गया। मामले में एसएसपी मेरठ की रिपोर्ट पर एसएसपी बरेली ने तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। तीसरे दिन बंदी को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
केस 3
अशरफ से दोस्ती में पहरेदार बन गए थे बंदी
माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से अगर बरेली जिला जेल के पुलिसवालों ने दोस्ती नहीं निभाई होती तो शायद उमेशपाल हत्याकांड की साजिश नहीं रची जाती। मामले ने तूल पकड़ा तो जिला जेल के कर्मियों पर सवाल उठे। जांच में सामने आया कि जेल के सिपाही फर्जी आईडी पर अशरफ से उसके गुर्गों की मुलाकात कराते थे और जेल में अशरफ को वीआईपी ट्रीटमेंट देते थे। उमेशपाल हत्याकांड में अशरफ की भूमिका सामने आने पर उससे दोस्ती निभाने वाले दो बंदीरक्षकों को जेल भेज दिया गया। वहीं जेल के कई अफसरों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
केस 4
आदित्य राणा को भगाने में गंवाई नौकरी
बिजनौर के कुख्यात अपराधी आदित्य राणा को 2019 में बिजनौर से लखनऊ जेल में शिफ्ट किया गया था। अगस्त 2022 में आदित्य राणा को लखनऊ से बिजनौर पेशी पर ले जाया गया। वापसी में आदित्य और उसके साथ सुरक्षा में भेजे गए चार पुलिसकर्मियों ने शाहजहांपुर में हाईवे किनारे स्थित रेड चिली होटल में दावत उड़ाई। मौका पाकर आदित्य राणा फरार हो गया था। इस साल अप्रैल में बिजनौर पुलिस ने आदित्य राणा को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। जांच में पता चला कि जब होटल में आदित्य बाथरूम करने गया तो चारों पुलिस वालों में से कोई उसके साथ नहीं गया। इस कारण आदित्य आसानी से भाग गया। चारों पुलिसकर्मियों को आदित्य से दोस्ती निभाने में बर्खास्त किया गया था।
केस 5
कचहरी से भागा था सुरेंद्र, पुलिस पर हुआ था मुकदमा
पिछले साल जुलाई में जिला जेल का बंदी कचहरी से फरार हो गया था। बदायूं के अलापुर का सुरेंद्र दुष्कर्म के मामले में बरेली जेल में बंद था। उसे पेशी पर कचहरी ले जाया गया तो वह वहां से फरार हो गया। जेल में गिनती हुई तो सुरेंद्र के भागने का पता चला। कोतवाली में अज्ञात पुलिसवालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि चार दिन बाद ही सुरेंद्र को उसके दोस्त के यहां से पकड़ लिया गया।
लालच में कराते हैं विशेष मुलाकात
पुलिसवालों की बंदियों से दोस्ती के पीछे की वजह है लालच। जब कोई बंदी पेशी पर जाता है तो साथ जाने वाले पुलिसकर्मी उसे फोन से किसी से भी बात करने व खाने-पीने की सुविधा देते हैं। इसके बदले सुविधाशुल्क और खुद की दावत का भी इंतजाम कर लेते हैं। कचहरी में भी पेशी पर लाए बंदी को वापस ले जाते समय उसकी रस्सी खोलकर परिजनों के साथ बैठने और बातचीत करने का मौका दिया जाता है। जितनी लंबी मुलाकात होती है, बदले में उतनी मोटी रकम मिलती है। जब कोई बंदी फरार होता है तो यह मुलाकात बंद हो जाती है।
वर्जन
हाल के दो मामलों में बंदी को साथ लेकर गए पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर होने पर उन्हें निलंबित किया गया है। जब बंदी को ज्यादा दूर लेकर जाया जाता है तो होटल में खाना खिलाना ही पड़ता है पर नशे का इस्तेमाल या अन्य गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। – घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी



