Bareilly News: निजी विद्यालयों को फर्नीचर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर के लिए भी निधि दे सकेंगे विधायक
बरेली। शासन ने विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि की राशि प्रत्येक विधायक के लिए तीन से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये वार्षिक कर दी है। पहली किस्त के रूप में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये भेजे गए हैं। अब साढ़े तीन-तीन करोड़ रुपये और आएंगे। जिले में नौ विधायक और एक एमएलसी हैं। इनके लिए शासन 30 करोड़ रुपये प्रति वर्ष जारी करता था। अब 50 करोड़ रुपये जारी करेगा।
विधायक निधि खर्च करने की गाइडलाइन में भी शासन ने बदलाव कर दिया है। अब विधायक सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों को फर्नीचर, लाइब्रेरी, कंप्यूटर के लिए भी निधि दे सकेंगे। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 25 लाख और एक बार में अधिकतम पांच लाख रुपये दिए जा सकेंगे। अभी तक सिर्फ सरकारी विद्यालयों के लिए यह निधि दी जा सकती थी।
अब डीएम की ओर से गठित क्रय समिति के माध्यम से निजी विद्यालयों के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें खरीदी जा सकती हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों, राजकीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों, इंटर काॅलेजों के लिए फर्नीचर और पुस्तकों के क्रय के लिए राज्य सरकार की क्रय नीति का पालन किया जाएगा।
विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य करा सकेंगे निर्माण
नई गाइडलाइन में विद्यालयों, छात्रावासों, शिक्षण संस्थाओं के भवनों का निर्माण, मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों के माध्यम से भी कराया जा सकता है। अभी तक गाइडलाइन में यह बात स्पष्ट नहीं थी। अब प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को कार्यदायी संस्था मान लिया गया है। उन्हें किसी अभियंता की देखरेख में निधि के धन से निर्माण कराना होगा। नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों को भी निधि के कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था माना जाएगा। कोई भी कार्यदायी संस्था सेंटेज चार्ज नहीं लेगी। जो संस्था सेंटेज चार्ज मांगेगी उसे निधि का धन नहीं दिया जाएगा।
विधायक निधि से ये कार्य भी हो सकेंगे
विद्यालयों के प्रवेश द्वार, प्रवेश स्थल का सुंदरीकरण, विद्यालय परिसरों में इंटरलॉकिंग, नाली, स्मार्ट क्लास, विद्यालयों के लिए सौर उर्जा सिस्टम, इनवर्टर, बैट्री, भवनों की मरम्मत, बिजली फिटिंग, फर्श निर्माण, शौचालयों का निर्माण, खेल उपकरणों की खरीदारी और पानी की टंकी, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण, सरकारी और सार्वजनिक कार्य की संस्थाओं के लिए एसी, कूलर पंखे, कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड की खरीद, सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों, नगर निगम क्षेत्रों में ओपन जिम, सामाजिक संगठनों, ट्रस्टों के लिए सत्संग भवन, योग केंद्र का निर्माण, गोवंश के लिए एबुलेंस
कोट-
विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि में 15 करोड़ रुपये जिले को मिल चुके हैं। अभी 35 करोड़ रुपये का बजट और आएगा। नौ विधायकों और एक एमएलसी की संस्तुति पर जनता के हित में काम कराए जाएंगे। गाइडलाइन में हुए बदलाव का पालन करते हुए काम कराए जाएंगे।
-तेजवंत सिंह, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण



