Bareilly News: अभेद्य सुरक्षा वाले परिसर के पास अनदेखी के छेद
बरेली। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की बेपरवाही की वजह से एअरफोर्स स्टेशन खतरे की जद में है। अभेद्य सुरक्षा वाले परिसर के पास अब अनदेखी के छेद ही छेद हैं। हालात ये हैं कि स्टेशन की दीवार के पास प्रतिबंध के बावजूद सघन आबादी बस गई है। अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। मकान मानक से ऊंचे बनाए जा रहे हैं। एअरफोर्स के अधिकारी स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर बार-बार खतरे के प्रति आगाह कर रहे हैं। बावजूद इसके सुरक्षा मानकों को भेदने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बृहस्पतिवार को एअरफोर्स के अधिकारियों ने मीडिया से स्थानीय समस्याएं साझा की थीं। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की। टीम कंजादासपुर, पीर बहोड़ा, परतापुर सहाय पहुंची। कई घर एअरफोर्स स्टेशन की दीवार के पास महज सात मीटर दूरी पर बने हुए दिखे। बीच की बची जगह पर लोग वाहन खड़े कर रहे हैं। कई मकान बाउंड्री से भी ऊंचे बन गए हैं। यहां से भीतर की गतिविधियों पर नजर रखने की आशंका है।
बताया जाता है कि बीते 20 वर्षों से दीवार के पास निर्माण का सिलसिला जारी है। एअरफोर्स के तत्कालीन अधिकारियों ने क्रमवार पत्र भेजे पर सुनवाई नहीं हुई। अब कब्जे ध्वस्त करना आसान नहीं है। हालांकि, स्टेशन अधिकारियों की सूचना पर अब बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से निर्माण कार्य बंद कराए जा रहे हैं। साथ ही, पास रहने वालों को नोटिस भी जारी किया जा रहा है। ताकि भविष्य में निर्माण कार्य हुए तो कड़ी कार्रवाई की जा सके।
पीर बहोड़ा में स्टेशन की दीवार के पास मुर्गी पालन का कारोबार भी होता मिला। पक्के नाले का प्रवाह दिखा। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से नाले का निर्माण हुआ था। पहले प्रवाह स्टेशन के भीतर था, जिसे एअरफोर्स ने बंद कर दिया। नाला की दिशा दूसरी ओर की गई तो दीवार के पास दूषित पानी जमा होने लगा। आपत्ति पर इसे भी बंद कर मिनी बाईपास की ओर प्रवाह किया गया।
कंजादासपुर के कई घर स्टेशन से काफी सटकर बन चुके हैं। लोग दीवार के पास वाहन पार्क कर रहे हैं। तांगा चालक भी दीवार की ओर तांगा खड़ाकर खच्चर व अन्य पशु बांध रखे हैं। दीवार से सटकर बिजली के खंभे भी लगे हैं। तार दीवार के ऊपर से गुजर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। कई आवास दीवार से काफी ऊंचे बने हैं। ये स्टेशन की गोपनीयता के लिए खतरा बन रहे हैं।


