Bareilly News: दुश्मन को फंसाने और पुरानी रंजिश निकालने के लिए की थी हत्या
शेरगढ़। थाना क्षेत्र में 10 दिन पहले हुई धर्मेंद्र की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। परिजनों ने इस मामले में जिन चार लोगों पर रिपोर्ट कराई थी, वे बेकसूर निकले। उन्हें फंसाने के लिए हत्या करने के तीन आरोपी जेल भेजे गए हैं।
मोहम्मदपुर गांव में 23 नवंबर को किच्छा नदी के किनारे गोली मारकर धर्मेंद्र की हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई करन ने गांव के जसपाल, भानु प्रताप, चंद्रपाल व सूखे पर जमीन की रंजिश में हत्या का शक जताकर रिपोर्ट कराई थी। धर्मेंद्र के मोबाइल फोन की डिटेल में गांव के रवि गंगवार, विजय व ओम प्रकाश राठौर से बातचीत के साक्ष्य मिले। पूछताछ में इन्हीं तीनों ने आरोप स्वीकार लिए। तीनों को रविवार को जेल भेज दिया गया।
विजय ने मारी थी गोली
रवि ने धर्मेंद्र को गांव के नेतराम के बंद पड़े कोल्हू पर जाने को कहा था। कोल्हू पर विजय मिला। उसने धर्मेंद्र को बताया कि किच्छा नदी किनारे जसपाल के खेत में पेड़ कट रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि चोरी का आरोप लगाकर हम लोगों को फंसा दिया जाए। भरोसा कर धर्मेंद्र वहां चला गया। नदी किनारे पहुंचते ही विजय ने धर्मेंद्र के गले में पीछे से रस्सी डाली और गला कसकर गिरा दिया। फिर तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और तमंचा भी बरामद हुए हैं।
दो पक्षों की रंजिश में बलि चढ़ गया धर्मेंद्र
जसपाल और सुखदेव गंगवार के बीच जमीन की रंजिश है। दो साल पहले सुखदेव पक्ष ने जसपाल के चाचा सुरेंद्रपाल की हत्या कर दी थी। जसपाल ने सुखदेव व उसके पुत्र रवि गंगवार समेत सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए सुखदेव की 1.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी थी और सुखदेव व रवि समेत सभी आरोपी जेल भेज दिए थे। रवि जमानत पर बाहर आ गया था। जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र का परिवार सुखदेव गुट में रहता था। आरोपी विजय पर जसपाल ने अपने पक्ष के व्यक्ति से चोरी से पेड़ काटने का मुकदमा दर्ज कराया था। इन्हीं बातों की वजह से रवि, ओमप्रकाश व विजयपाल ने धर्मेंद्र की हत्या कर दी।
धर्मेंद्र की हत्या के बाद से ही स्पष्ट हो गया था कि आरोपी दूसरे ही हैं। जसपाल पक्ष के बारे में जानकारी की गई तो धर्मेंद्र की हत्या से उनका कोई लाभ होता नहीं दिख रहा था।, जबकि विजय पक्ष जसपाल आदि को फंसाने के लिए कई प्रयास कर चुका था। आखिर में स्थिति साफ हो गई। – घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी



