Bareilly News: न बकाया गन्ना मूल्य मिला, न ही सुधरीं चिकित्सा सेवाएं
बरेली। जनप्रतिनिधियों के साथ प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की 13 जून को होने वाली बैठक अचानक निरस्त हो गई है। इस बैठक में जनप्रतिनिधि शहर की हकीकत रखना चाहते थे, क्योंकि इससे पहले हुई समीक्षा बैठक में पेयजल, छुट्टा पशु, चिकित्सा सेवाओं की बदहाली और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत कई मुद्दे उठाए गए थे। इनमें से किसी का समाधान नहीं हुआ।
25 मार्च को हुई बैठक में प्रभारी मंत्री जयवीर के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने कई विभागों के अधिकारियों पर फोन कॉल रिसीव नहीं करने के आरोप लगाए थे। प्रभारी मंत्री ने डीएम को समस्याओं के समाधान का आदेश देते हुए कहा था कि अगली बैठक में फीडबैक लेंगे। दोबारा लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी। अब अचानक बैठक ही निरस्त हो गई।
इन समस्याओं के समाधान का है इंतजार
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा था कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करने में देरी की जाती है। मंत्री ने सीएमओ से कहा था कि आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने दें, लेकिन जिला अस्पताल में अब भी गंभीर मरीजों को भर्ती करने से परहेज किया जा रहा है।
सड़कों के निर्माण में देरी
पिछली बैठक में सड़कों के निर्माण में देरी का मामला भी गूंजा था। लाल फाटक से आगे की सड़क का चौड़ीकरण अभी तक अधूरा है। प्रभारी मंत्री आते तो उनके सामने यह मुद्दा उठना तय था।
जल जीवन मिशन भी अधूरा
जल जीवन मिशन की योजनाएं अधूरी होने का मुद्दा जनप्रतिनिधियों ने उठाया था। जल निगम की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने जल्दी ही इनको पूरा कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक योजनाएं अधूरी हैं। गर्मी में ग्रामीण प्यासे हैं। सड़कों की खोदाई को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन अब भी हालात वहीं हैं।
फसलों को तबाह कर रहे छुट्टा पशुछुट्टा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का भी मुद्दा प्रमुखता से उठा था। पशुपालन विभाग ने राहत देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक हालात पहले जैसे ही हैं। प्रत्येक महत्वपूर्ण बैठक में यह मुद्दा उठता रहा है। प्रभारी मंत्री भी निर्देश देकर गए थे, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।



