Bareilly News: जिले की पुलिस कैसेे चलाती है थाने, प्रशिक्षण में जान रहे एनएसएस स्वयंसेवक

कोतवाली में प्रशिक्षण लेते हुए एनएसएस स्वयंसेवक। स्रोत, स्वयं
बरेली। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक शहर के थानों में कानून का पाठ पढ़ने के साथ ही पुलिस की कार्यशैली से भी रूबरू हो रहे हैं। स्वयंसेवक प्राथमिकी दर्ज करने से लेकर तफ्तीश तक की प्रक्रिया को समझकर उनके नोट्स तैयार कर रहे हैं। उनको यह 30 दिन का प्रशिक्षण सरकार की ओर से छात्र-पुलिस अनुभवात्मक अधिगम योजना के तहत नजदीकी थाने में दिया जा रहा है।
बरेली कॉलेज में एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजीव यादव ने बताया कि जिले की पांच शिक्षण संस्थाओं के 50 एनएसएस स्वयंसेवक इस अधिगम में भाग ले रहे हैं। ये प्रशिक्षण 30 दिन तक प्रतिदिन चार घंटे का है। इसमें स्वयंसेवक के लिए रोजाना कुल 120 मिनट का समय थाने पर देना जरूरी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के अनुसार प्रशिक्षण के बाद दो क्रेडिट अंक स्वयंसेवक की मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे। साथ ही प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस कर्मियों और समाज के बीच की दूरियों को कम करने में भी मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय व बरेली कॉलेज के अलावा केसीएमटी, राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज मीरगंज और अनुविस डिग्री कॉलेज मीरगंज से 10-10 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है। इनका प्रशिक्षण कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी, फतेहगंज और मीरगंज पुलिस स्टेशन में चल रहा है। इस प्रोग्राम का नोडल एसपी ट्रैफिक को बनाया गया है।
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कार्यशैली जानने के साथ ही पढ़ रहे कानून का पाठ
स्वयंसेवक अमृतेश कुमार कोतवाली में 21 नवंबर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वह बताते हैं कि हर दिन पुलिस विभाग से संबंधित
कुछ नया सीखने को मिल रहा है। अब तक एफआईआर, एनसीआर, पुलिस में विभिन्न पदों पर काम करने के तरीके के बारे में जानने को मिला है। किस तरह से पुलिस शिकायत आने के बाद कार्रवाई शुरू करती है? पुलिस के कार्य की क्या बारीकियां और कठिनाईयां हैं? विभाग की ओर से क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं? ये सब जानने को मिल रहा है। पुलिस विभाग में ग्रेडिंग पद्धति, विभाग के नियम और उनकी शाखाएं कैसे काम करती हैं, इसके बारे में भी जानने को मिला है। उच्च अधिकारियों से भी मिलने का मौका मिलता है।

कोतवाली में प्रशिक्षण लेते हुए एनएसएस स्वयंसेवक। स्रोत, स्वयं



