Bareilly News: पुलिस ने किरकिरी कराई, अफसरों ने नन्हे लंगड़ा पर कसा फंदा
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्कर नन्हे लंगड़ा को घेरने के लिए दो थानों की पुलिस ने किरकिरी कराने में कसर नहीं छोड़ी। तीसरी बार भी रिमांड खाली हाथ रही। हालांकि डीएम-एसएसपी ने नन्हे को घेरने का कानूनी फंदा तैयार कर लिया है। तस्कर पर पिट एनडीपीएस लगाने का फरमान शासन से आ गया है।
पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद तीसरी बार भी नन्हे लंड़गा से कोई बरामदगी नहीं कराई जा सकी। फतेहगंज पश्चिमी थाने की पुलिस ने कोर्ट से नन्हे लंगड़ा की रिमांड इस आधार पर मांगी थी कि अभियुक्त ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि उसने स्मैक रबर फैक्टरी की झाड़ियों में छुपाई है, जिसे वह बरामद करा देगा।
कोर्ट ने पुलिस को बुधवार सुबह नन्हे लंगड़ा की आठ घंटे की रिमांड मंजूर कर ली थी। इस दौरान भी उससे कुछ बरामद नहीं हुआ। बता दें कि सप्ताहभर में दो बार फरीदपुर पुलिस भी नन्हे की रिमांड ले चुकी है, पर वह भी बरामदगी नहीं कर सकी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक वीडियोग्राफर और वकील पूरे वक्त नन्हे के साथ रहे। पुलिस का तीसरी बार भी यही तर्क था कि नन्हे ने सहयोग नहीं किया।
इस दौरान नन्हे को जेल में दाखिल कर दिया गया। बुधवार शाम को जेल में शासन से पिट एनडीपीएस का फरमान पहुंच गया। डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान की संस्तुति पर यह कवायद हुई है। नन्हे पक्ष ने अपील की तो मामला सलाहकार बोर्ड के सामने जाएगा। वहां अधिकारी उसे एक साल जेल में रखने संबंधी तर्क देंगे तो नन्हे पक्ष खुद को निर्दोष साबित करने का तर्क दे सकता है।
वर्जन
नन्हे लंगड़ा फतेहगंज पश्चिमी थाने का हिस्ट्रीशीटर व गैंग लीडर है। उसके खिलाफ दस मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। उसकी करीब पौने आठ करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी है। उसके खिलाफ पिट एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई के पर्याप्त आधार हैं। इसलिए यह कार्रवाई की गई है। – घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी
दरोगा की हड़बड़ी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
दोपहर करीब एक बजे ही पुलिस नन्हे लंगड़ा को लेकर एनडीपीएस कोर्ट संख्या नौ की एडीजे प्रतिभा सक्सेना के समक्ष पहुंच गई। यहां कोर्ट को बताया गया कि नन्हे लंगड़ा से बरामदगी नहीं कराई जा सकी, इसलिए उसे जेल में दाखिल करना चाहते हैं। पहले दो बार रिमांड का नतीजा न निकलने के बावजूद कोर्ट ने तीसरी बार भी आठ घंटे की रिमांड दी थी, जो शाम चार बजे खत्म होनी थी। इसमें भी नन्हे को कोर्ट की बजाय जेल में ले जाना था। समय और स्थान को लेकर दरोगा की हड़बड़ी पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और नन्हे को जेल में दाखिल करने को कहा पुलिस की ढुलमुल स्थिति को लेकर कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता अमित बिसारिया को भी निर्देश दिए।



