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Bareilly News: बिना एनओसी के आरओबी का शिलान्यास, अब तक शुरू नहीं हो सका काम

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बरेली। फरीदपुर-बुखारा मार्ग पर पितांबरपुर में रेलवे क्रॉसिंग पर एक अप्रैल को लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने जिस आरओबी (रेल ओवरब्रिज) का शिलान्यास किया था, मौके पर काम शुरू नहीं हो सका है। रेलवे बोर्ड से अनापत्ति और लागत में हिस्सेदारी नहीं मिलने से टेंडर होने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका। सेतु निगम का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास अटका हुआ है।

सेतु निगम ने 51.37 करोड़ रुपये की लागत से पितांबरपुर में रेलवे क्राॅसिंग संख्या 352 सी पर 620.65 मीटर लंबा टूलेन आरओबी बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें रेलवे व सेतु निगम की हिस्सेदारी आधी-आधी है। सेतु निगम ने मार्च में टेंडर निकाला जो मई में मंजूर हो गया। सेतु निगम मुख्यालय के पास बजट उपलब्ध है, लेकिन रेलवे बोर्ड ने न अपने हिस्से का बजट दिया है, न ही अनापत्ति जारी की है।

इसीलिए शिलान्यास के तीन माह बाद भी पुल के लिए एक भी ईंट नहीं रखी जा सकी। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय को प्रस्तावित आरओबी की ड्राइंग के साथ एस्टीमेट की प्रति भेज दी है। दोनों विभागों के बीच स्थानीय स्तर पर वार्ता हो चुकी है। प्रस्ताव मंडल रेल कार्यालय से बड़ौदा हाउस स्थित रेल मुख्यालय तक चला गया है।

अब शासन स्तर से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिये बड़ौदा हाउस के अफसरों के साथ बैठक कर अनापत्ति ली जाएगी। रेलवे प्राथमिक तौर पर आरओबी के लिए सहमत हो गया था। इसीलिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। काम तभी शुरू हो सकेगा जब अनापत्ति के साथ हिस्सेदारी का बजट मिल जाए या फिर रेलवे अपने हिस्से का पुल स्वयं बनाए और सेतु निगम और रेलवे की ड्राइंग इस तरह से मैच करें कि दोनों के जुड़ने मे कोई रुकावट पैदा न हो।

11 महीने में पूरा होना था काम… अब तक शुरू नहीं

शिलान्यास करते समय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा था कि 11 महीने में आरओबी का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन शुरुआती तीन माह ऐसे ही बीत गए। अब निर्धारित समय में काम पूरा होने के आसार नहीं हैं।

रोज गुजरती हैं 180 ट्रेनेंपितांबरपुर क्रॉसिंग से होकर 24 घंटे में 180 ट्रेनें गुजरती हैं। अगर एक ट्रेन के गुजरने पर पांच मिनट के लिए क्रॉसिंग बंद हो तो औसतन 15 घंटे गेट बंद रहता है। इससे आसपासा की एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित होती है।

विद्यार्थी से लेकर व्यापारी तक सभी होते हैं परेशान

शिलान्यास के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। आखिर कितना इंतजार करें। – धर्मेंद्र कुमार, किशुर्रा

मेरी दुकान लाइनपार है। जब-जब फाटक बंद होता है, माल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। कारोबार प्रभावित हो रहा है। – अनिल यादव


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